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गाजा में संघर्ष-विराम के लिए मतदान में भारत के दूर रहने पर शर्मिंदा हूं: प्रियंका गांधी

गाजा में संघर्ष-विराम के लिए मतदान में भारत के दूर रहने पर शर्मिंदा हूं: प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा कि  ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए अपने पोस्ट में महात्मा गांधी के उस कथन का उल्लेख किया कि आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देती है। उन्होंने कहा, मैं स्तब्ध और शर्मिंदा हूं कि हमारा देश गाजा में संघर्ष-विराम के लिए हुए मतदान में अनुपस्थित रहा।

बता दें कि भारत ने गाजा में संघर्ष-विराम का आह्वान करने वाले प्रस्ताव पर मतदान से दूरी बनाई। इसे लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर सरकार के रुख पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस कदम से वो स्तब्ध और शर्मिंदा हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा, हमारे देश की स्थापना अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर हुई थी। इन सिद्धांतों के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का बलिदान दिया। ये सिद्धांत संविधान का आधार हैं, जो हमारी राष्ट्रीयता को परिभाषित करते हैं। वे भारत के उस नैतिक साहस का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सदस्य के रूप में उसके कदमों का मार्गदर्शन किया है।

उन्होंने कहा, जब मानवता के हर कानून को नष्ट कर दिया गया है, लाखों लोगों के लिए भोजन, पानी, चिकित्सा आपूर्ति, संचार और बिजली काट दी गई है और फिलस्तीन में हजारों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, तब रुख अपनाने से इनकार करना और चुपचाप देखना गलत है। प्रियंका गांधी ने कहा कि यह उन सभी चीजों के विपरीत है, जिनके लिए एक राष्ट्र के रूप में भारत हमेशा खड़ा रहा है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने संयुक्त राष्ट्र में गाजा में मानवीय युद्धविराम पर हुई वोटिंग में भारत के अनुपस्थित रहने को गलत फैसला बताया है। उन्होने कहा कि मानवीय मूल्यों की रक्षा हमारा सिद्धांत रहा है। फ़िलिस्तीन में युद्धविराम के मुद्दे पर चुप रहकर हमारी सरकार ने गलत किया है।

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