बिना शर्त माफ़ी के बाद, अभिनेता इमरान ख़ान को बॉम्बे हाईकोर्ट से भारत में रहने की अनुमति
बॉलीवुड अभिनेता इमरान ख़ान को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने बिना शर्त माफ़ी मांगने की उनकी सहमति के बाद उन्हें भारत में अपना प्रवास जारी रखने की अनुमति दे दी है। साथ ही, अभिनेता को भारत छोड़ने संबंधी जारी नोटिस पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगा दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।
अमेरिकी नागरिकता रखने वाले इमरान ख़ान के पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड भी है। उन्होंने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की ओर से जारी भारत छोड़ने के नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि ओसीआई कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के समान अधिकार प्राप्त नहीं होते हैं और भारत में उनका रहना देश के कानूनों तथा सरकार की ओर से तय की गई शर्तों के अधीन होता है।
अदालत ने अभिनेता से यह भी कहा कि उन्हें लिखित आश्वासन देना होगा कि भविष्य में वह किसी भी विरोध प्रदर्शन या राजनीतिक आंदोलन में हिस्सा नहीं लेंगे। इमरान ख़ान की ओर से बिना शर्त माफ़ी मांगने की सहमति जताए जाने के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की और एफआरआरओ की ओर से जारी भारत छोड़ने के नोटिस पर फिलहाल रोक लगा दी।यह पूरा विवाद 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास हुए एक विरोध प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ था। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ विरोध जताया था।
इस दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान ख़ान को हिरासत में लिया था। इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अमेरिकी नागरिक होने के बावजूद अभिनेता ने राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेकर आव्रजन कानूनों का उल्लंघन किया है। पुलिस शिकायत और एफआईआर के आधार पर एफआरआरओ ने 14 अक्टूबर को इमरान ख़ान को भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया था। इमरान ख़ान ने 17 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख़ करते हुए इस नोटिस को मनमाना, असंवैधानिक और अनुचित बताते हुए चुनौती दी थी।

