जकार्ता/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच जकार्ता में द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के बंदरगाह और इंडोनेशिया के सबांग बंदरगाह (अचे प्रांत) के बीच समुद्री कनेक्टिविटी स्थापित करने पर सहमति जताई।
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के पूर्वी सचिव रुद्रेंद्र टंडन ने बताया कि दोनों पक्ष इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस योजना पर 2018 से चर्चा हो रही थी जिसे अब तेजी मिली है।
सबांग बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के पश्चिमी प्रवेश द्वार पर स्थित है, जबकि भारत का ग्रेट निकोबार ट्रांजिट पोर्ट इससे लगभग 160 किलोमीटर दूर विकसित हो रहा है।
मलक्का जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग है, जहाँ से प्रतिवर्ष 94 हजार से अधिक जहाज गुजरते हैं। यह विश्व के लगभग एक चौथाई व्यापारिक माल का वहन करता है, जिसमें तेल, कोयला, पाम आयल समेत पूर्वी एशिया के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा संसाधन शामिल हैं।
इस परियोजना के साकार होने पर भारत और आसियान देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल परियोजना की समयसीमा और बजट के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

