नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संगठनात्मक विस्तार को लेकर सामने आए आंकड़े बताते हैं कि पिछले करीब 13 वर्षों में संघ की पहुंच में बड़ा इजाफा हुआ है। खास तौर पर दैनिक शाखाओं और उन स्थानों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जहां संघ की गतिविधियां संचालित होती हैं। साथ ही, युवाओं और खासकर 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों की RSS से जुड़ने में दिलचस्पी भी बढ़ती दिखाई दे रही है।
मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच देश में RSS की दैनिक शाखाओं की संख्या 83,129 से बढ़कर 88,949 हो गई। यानी एक साल में 5,820 शाखाएं बढ़ीं। इसी अवधि में शाखा वाले स्थानों की संख्या 51,740 से बढ़कर 55,683 हो गई। दूसरी ओर, 2013 में देश में करीब 42,981 दैनिक शाखाएं थीं। इस लिहाज से 2026 तक शाखाओं की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है।
संघ की गतिविधियां केवल रोजाना लगने वाली शाखाओं तक सीमित नहीं हैं। जो लोग प्रतिदिन शाखा में शामिल नहीं हो पाते, उनके लिए साप्ताहिक मिलन और मासिक मंडली जैसे प्रारूप भी हैं। मार्च 2026 में दैनिक शाखाओं, साप्ताहिक मिलन और मासिक मंडलियों को मिलाकर कुल 1,34,766 संगठनात्मक गतिविधियां दर्ज की गईं। मार्च 2025 में यह संख्या 1,27,367 थी।
युवाओं की भागीदारी इस विस्तार की एक अहम तस्वीर पेश करती है। ‘जॉइन RSS’ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जनवरी से जुलाई 2025 के दौरान 55,423 लोगों ने पंजीकरण कराया था। इसी अवधि में 2026 में यह संख्या बढ़कर 1,23,287 हो गई। जुलाई 2025 में 9,718 लोगों ने रुचि दिखाई थी, जबकि जुलाई 2026 में यह आंकड़ा 24,086 तक पहुंच गया। संघ के अनुसार, रुचि दिखाने वालों में 65 फीसदी से अधिक की उम्र 30 साल से कम और करीब 85 फीसदी की उम्र 40 साल से कम है।
ग्रामीण इलाकों में भी संगठन के विस्तार पर जोर दिखाई देता है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, संघ की गतिविधियां करीब 39,917 ग्रामीण मंडलों तक पहुंच चुकी थीं। इससे संकेत मिलता है कि विस्तार की रणनीति बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों और गांवों पर भी केंद्रित है।
RSS का शताब्दी वर्ष अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक मनाया जा रहा है। इस दौरान संघ ने शाखाओं के विस्तार के साथ घर-घर संपर्क और सामाजिक अभियानों पर भी जोर दिया। हालांकि, इन आंकड़ों को सीधे सदस्य संख्या नहीं माना जा सकता। शाखाओं और गतिविधियों की बढ़ती संख्या संगठनात्मक विस्तार दिखाती है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि RSS के सदस्य भी उसी अनुपात में बढ़े हैं।

