रामपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़ी जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से यूनिवर्सिटी परिसर में कथित अवैध निर्माणों को लेकर जारी बुलडोजर कार्रवाई के नोटिस के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी को शिक्षा के क्षेत्र में भी राजनीति नजर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा, शिक्षक, छात्र और रोजगार जैसे मुद्दे शामिल नहीं हैं।
सपा प्रमुख ने बिना नाम लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि बीजेपी अपने कथित “अपंजीकृत सहयोगियों” से जुड़े भवनों और संस्थानों पर कार्रवाई कब करेगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी संस्था का पंजीकरण ही नहीं है तो उससे जुड़े भवन और कार्यालयों की वैधता पर भी सवाल उठना चाहिए।
गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने 15 जुलाई को मोहम्मद आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में कुछ निर्माण कार्यों को नियमों के विपरीत बताते हुए नोटिस जारी किया था। प्राधिकरण ने संबंधित पक्ष को जवाब देने और कार्रवाई से पहले 15 दिनों का समय दिया है।
आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तजीन फातिमा ने कहा कि यूनिवर्सिटी को नोटिस मिला है और जवाब देने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है।
इस मामले को लेकर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश के कई बड़े विश्वविद्यालयों और संस्थानों के निर्माण से जुड़े नियमों और नक्शों की स्थिति सरकार स्पष्ट करे।
उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान का नाम आते ही सरकार सभी नियम-कानूनों का हवाला देने लगती है और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया।
जौहर यूनिवर्सिटी मामले ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, अवैध निर्माण और राजनीतिक बदले की कार्रवाई जैसे मुद्दों पर बहस तेज कर दी है। जहां सरकार की ओर से कार्रवाई को नियमों के तहत बताया जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई करार दे रहा है।

