नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हुर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात लगभग ठप होने की खबर सामने आई है। ईरानी समाचार एजेंसी के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ब्लूमबर्ग ने जहाजों की ट्रैकिंग से प्राप्त आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि आज हुर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग गतिविधियां लगभग रुक गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, जहाजों की आवाजाही अब केवल एक ऐसे समुद्री मार्ग तक सीमित होकर रह गई है, जिसे ईरान ने सत्यापित और सुरक्षित घोषित किया है। यह मार्ग जलडमरूमध्य के उत्तरी हिस्से के करीब स्थित है और फिलहाल अधिकांश जहाज इसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं।
हुर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर समुद्र के रास्ते होने वाले कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) के बड़े हिस्से का परिवहन इसी मार्ग से होता है। ऐसे में यहां जहाजों की आवाजाही में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जहाजों की आवाजाही में आई इस भारी कमी का तत्काल कारण क्या है। लेकिन क्षेत्र में जारी तनाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों और समुद्री व्यापार से जुड़े देश अब इस क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि हुर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य गतिविधियों की बहाली वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

