सऊदी के हवाई हमले के बावजूद, आज़ाद कराए गए क्षेत्रों में यमनी सैन्य बल तैनात
यमन के सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब के हवाई हमलों के बावजूद मुक्त कराए गए इलाकों में अपनी स्थिति बरक़रार रखी है और नई रक्षा पंक्तियों पर तैनात हो गए हैं। तस्नीम समाचार एजेंसी के अंतरराष्ट्रीय समूह के अनुसार, यमन में अल-मयादीन के संवाददाता ने बताया कि हाल में सऊदी अरब द्वारा किए गए हवाई हमलों के बावजूद, यमनी सशस्त्र बलों ने दोबारा अपने नियंत्रण में लिए गए सभी इलाक़ों में अपनी स्थिति क़ायम रखी है और नई रक्षा पंक्तियों पर मज़बूती से तैनात हैं।
सऊदी अरब की सेना ने आज़ाद कराए गए क्षेत्रों में यमनी सशस्त्र बलों के ठिकानों पर कई हवाई हमले किए हैं। हालांकि, इन हमलों के बावजूद वह ज़मीनी स्थिति या सैन्य तैनाती में कोई बदलाव लाने में सफल नहीं हुई है। यमनी सशस्त्र बलों का अब भी रणनीतिक क्षेत्रों, विशेष रूप से पश्चिमी तट और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य, पर पूरा नियंत्रण है।
यमनी बलों की बड़ी सैन्य कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, यमनी सशस्त्र बलों ने 3 सितंबर 2026 से पश्चिमी यमन में «अल्लाहो अशद्दु बअ्सन व अशद्दु तन्कीला» नाम से एक व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया। इस अभियान के दौरान यमनी बलों ने ताइज़ और अल-हुदैदा प्रांतों के छह जिलों को मुक्त कराने में सफलता हासिल की और लगभग 5,400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर लिया।
इस अभियान के दौरान यमनी बलों ने बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य और रणनीतिक द्वीपों, जिनमें प्रीम (मियून) और हनीश शामिल हैं, पर भी पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया। इसके अलावा, उन्होंने रणनीतिक महत्व वाले मोखा बंदरगाह को भी मुक्त करा लिया।
सऊदी अरब की प्रतिक्रिया
यमनी बलों की इन सैन्य प्रगतियों के जवाब में सऊदी अरब ने अपने हवाई हमले तेज कर दिए। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन पर बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप से यमनी बलों के ख़िलाफ़ अमेरिका से सीधे सैन्य हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया, लेकिन इस अनुरोध को ठुकरा दिया गया। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि, अमेरिका ने ख़ुफ़िया सहायता के लिए 100 से अधिक सैन्य सलाहकारों को सऊदी अरब भेजा है, लेकिन उसने सीधे सैन्य हस्तक्षेप करने से परहेज़ किया है।

