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ग्रीनलैंड में जल्द ही तेल, गैस और खनिजों की बड़े पैमाने पर खोज शुरू करेंगे: ट्रंप

ग्रीनलैंड में जल्द ही तेल, गैस और खनिजों की बड़े पैमाने पर खोज शुरू करेंगे: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका जल्द ही ग्रीनलैंड द्वीप पर तेल, गैस और खनिजों की बड़े पैमाने पर खोज और उत्खनन की प्रक्रिया शुरू करेगा। उन्होंने ग्रीनलैंड को अमेरिका की रक्षा के लिए ‘रक्षा की अग्रिम पंक्ति’ बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका जल्द ही ग्रीनलैंड द्वीप में तेल, गैस और खनिजों की बड़े पैमाने पर खोज और उत्खनन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि यह द्वीप अमेरिका के लिए किसी भी संभावित खतरे के खिलाफ ‘रक्षा की अग्रिम पंक्ति’ का काम करेगा।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा कि “ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिजों की खोज की तैयारी चल रही है।”

उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रीनलैंड में तेल की ऐसी मात्रा मौजूद है, जिसे निकालना दुनिया के लगभग किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में कहीं अधिक आसान है।

अमेरिका और यूरोप की रक्षा एवं आक्रामक सैन्य क्षमताओं से जुड़े सुरक्षा दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड का कोई मुकाबला नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका पर भविष्य में होने वाले किसी भी हमले को ग्रीनलैंड के रास्ते से गुजरना पड़ेगा। वहां अमेरिका की रक्षा प्रणालियां नियमित रूप से ड्रोन, मिसाइलों और भविष्य में विकसित होने वाले ऐसे किसी भी हथियार को मार गिराएंगी, जिसकी अभी तक कल्पना भी नहीं की गई है।

इससे पहले, 22 सितंबर 2026 को अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने द्वीप पर अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत वहां दो नए सैन्य ठिकाने खोलने की योजना बनाई गई थी।

खनिज संसाधन

ग्रीनलैंड में खनिज संसाधनों का बड़ा भंडार मौजूद है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के अनुसार, द्वीप पर यूरोपीय संघ की महत्वपूर्ण खनिज कच्चे माल की सूची में शामिल 34 सामग्रियों में से 24 की खोज की जा चुकी है।

हालांकि, खोजे गए कई संसाधनों की वास्तविक मात्रा का अभी सटीक आकलन किया जाना बाकी है। इसके अलावा, वहां की कठिन प्राकृतिक परिस्थितियां और बुनियादी ढांचे की कमी इन खनिज खदानों को विकसित करने तथा उनका व्यावसायिक उपयोग करने की प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।

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