अमेरिकी सैनिक ट्रंप और नेतन्याहू के निजी हितों के शिकार: पूर्व अमेरिकी सैनिक
एक पूर्व अमेरिकी सैनिक ने मौजूदा हालात पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के सैनिकों को संबोधित किया। उसने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व ने अपने निजी और राजनीतिक हितों के लिए सैनिकों की जान दांव पर लगा दी। उसके अनुसार, Donald Trump और Benjamin Netanyahu ने ऐसे फैसले लिए जिनकी कीमत आम सैनिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
उस पूर्व सैनिक ने यह भी दावा किया कि यह कार्रवाई इसलिए नहीं की गई थी कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के करीब था। उसके शब्दों में, “ईरान उस स्थिति में नहीं था, फिर भी खतरे का माहौल बनाकर आपको युद्ध की आग में झोंक दिया गया।”
उसने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि जिन वार्ताओं को आधिकारिक तौर पर “सकारात्मक” बताया जा रहा था, उन्हीं के महज़ दो दिन बाद सैनिकों की मौत की खबर आई। उसके अनुसार, अगर बातचीत आगे बढ़ रही थी तो फिर अचानक सैन्य कार्रवाई और सैनिकों की शहादत कैसे हुई—यह सवाल आज भी अनुत्तरित है।
पूर्व सैनिक ने अपने संदेश में कहा कि देश की सेवा करने वाले जवानों को राजनीतिक रणनीतियों का मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए। उसने सैनिकों से अपील की कि वे हालात को समझें और इस बात पर विचार करें कि क्या उनकी कुर्बानी वाकई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए थी या फिर कुछ नेताओं के निजी हितों के लिए।

