वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार जहां ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के नाम पर लगातार हंगामा और दबाव बना रही है, वहीं अमेरिका की पूर्व कांग्रेस सदस्य के एक खुलासे से पता चला है कि खुद वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ परमाणु बम के इस्तेमाल की योजना पर विचार कर रहा है।
जॉर्डन की समाचार वेबसाइट «रोया» की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी विदेश नीति में यह एक स्पष्ट और हास्यास्पद विरोधाभास है। डोनाल्ड ट्रंप की सरकार बार-बार यह दावा करते हुए कि वह «ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना» चाहती है, धमकियों और प्रतिबंधों का सहारा लेती रही है, लेकिन वॉशिंगटन के थिंक टैंकों और रणनीतिक हलकों से सामने आए नए खुलासों ने मानवाधिकारों के स्वयंभू समर्थकों के दोहरे मापदंड को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
अमेरिका की पूर्व कांग्रेस सदस्य मार्जोरी टेलर ग्रीन ने खुलासा किया कि व्हाइट हाउस के अधिकारी अपनी रणनीतिक बैठकों में ईरानी जनता के खिलाफ उसी परमाणु हथियार के सीधे इस्तेमाल की संभावना पर विचार कर चुके हैं। पूर्व कांग्रेस सदस्य ने इस फैसले को «सिर्फ और सिर्फ बुराई» करार दिया और अमेरिकी युद्ध समर्थकों के इस युद्धोन्माद को रोकने की मांग की।
इस अमेरिकी राजनीतिज्ञ ने अपने देश के काले इतिहास की ओर इशारा करते हुए वर्ष 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में हुए नरसंहार की याद दिलाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि उपलब्ध आंकड़े इन खतरनाक योजनाओं की वास्तविकता की पुष्टि करते हैं।
उन्होंने ट्रंप के दावों को चुनौती देते हुए कहा कि अमेरिका की अपनी खुफिया एजेंसियों के दस्तावेज भी कई बार ईरान के परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण होने की पुष्टि कर चुके हैं। उनके अनुसार, वॉशिंगटन केवल इसी मुद्दे को अपनी गैरकानूनी कार्रवाइयों और दुस्साहसिक कदमों के बहाने के रूप में इस्तेमाल करता है।

