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यमन में सऊदी समर्थित भाड़े के सैनिकों का सरग़ना रियाद भागा

यमन में सऊदी समर्थित भाड़े के सैनिकों का सरग़ना रियाद भागा

यमन के शहर अदन में मौजूद एक सूत्र ने बताया है कि तथाकथित ‘राष्ट्रीय प्रतिरोध’ नामक मिलिशिया के कमांडर तारिक़ सालेह को यमनी लड़ाकों के हाथों मिली भारी हार के बाद सऊदी अरब की राजधानी रियाद भागने पर मजबूर होना पड़ा।

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अंतरराष्ट्रीय समूह के अनुसार, सऊदी अरब के साथ गठबंधन रखने वाली अदन सरकार के एक सूत्र ने बताया कि तारिक़ सालेह, जो यमन के पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के भतीजे हैं, रियाद भाग गए हैं।

तारिक़ सालेह तथाकथित ‘राष्ट्रीय प्रतिरोध’ नामक मिलिशिया के कमांडर हैं। यह मिलिशिया कई वर्षों से यमन के पश्चिमी तट के दक्षिणी अल-हुदैदा प्रांत और ताइज़ प्रांत के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण रखती थी और वास्तव में बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य पर भी उसका नियंत्रण था।

इस सूत्र ने अरब-21 वेबसाइट को बताया कि पश्चिमी तट पर तारिक़ सालेह को मिली भारी हार ने उन्हें रियाद जाने के लिए मजबूर कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, यमन की सेना और अंसारुल्लाह ने 12 से 19 शहरीवर तक ‘वल्लाहु अशद्दु बअसन व अशद्दु तन्कीला’ नाम से एक सप्ताह तक व्यापक सैन्य अभियान चलाया। इस दौरान यमनी लड़ाके ताइज़ और अल-हुदैदा प्रांतों के 6 क्षेत्रों (जिलों) को मुक्त कराने में सफल रहे।

इन अभियानों के परिणामस्वरूप यमनी लड़ाकों ने बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हासिल कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुक्त कराए गए इन क्षेत्रों का कुल क्षेत्रफल लगभग 5,400 वर्ग किलोमीटर है।

इस घटनाक्रम को पश्चिमी तट पर सऊदी समर्थित बलों के लिए एक बड़ी सैन्य हार के रूप में बताया गया है, जिसके बाद तारिक़ सालेह के रियाद जाने की खबर सामने आई है

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