अमेरिका और सऊदी अरब को जवाब देने का फैसला, फिलहाल टाल दिया गया है: इराक़ी इस्लामिक प्रतिरोध
इराक़ी इस्लामिक प्रतिरोध ने घोषणा की है कि अमेरिका और सऊदी अरब की कथित आक्रामक कार्रवाई के जवाब में की जाने वाली सैन्य कार्रवाई को हादी अल-आमेरी के अनुरोध पर फिलहाल टाल दिया गया है। इस्लामिक प्रतिरोध ने एक बयान में कहा कि शुक्रवार को की जाने वाली प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को हादी अल-आमेरी के अनुरोध और कई राजनीतिक नेताओं के रुख़ को ध्यान में रखते हुए स्थगित कर दिया गया है।
इराक़ी इस्लामिक प्रतिरोध ने अपने बयान में कहा,
“शहीदों का पवित्र रक्त कभी भी राजनीतिक संतुलन के बाजार में सौदेबाजी की वस्तु नहीं था और न कभी होगा। बयान में उन लोगों से भी अपने रुख़ पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया गया, जो संगठन के अनुसार “सत्ता और पद के कारण शहीदों के खून की रक्षा तथा देश की उल्लंघन की गई संप्रभुता की रक्षा से ग़ाफ़िल हो गए हैं।” उनसे तथाकथित “सही रास्ते” पर लौटने की अपील की गई।
बयान में आगे कहा गया कि “अमेरिकी दुश्मन और क्षेत्र में उसके सहयोगियों” को यह समझ लेना चाहिए कि “शहीदों और घायलों का खून प्रतिरोध और डटे रहने की प्रेरक शक्ति है।” बयान में जोर देकर कहा गया, “कमज़ोर और सतर्क बयानों से संप्रभुता वापस हासिल नहीं की जाती, बल्कि उन वफ़ादारों की मुट्ठियों से उसे पुनर्जीवित किया जाएगा, जो अपनी धरती की पवित्रता और शहीदों की गरिमा पर कोई समझौता नहीं करते।”
इराक़ी इस्लामिक प्रतिरोध ने अंत में स्पष्ट किया कि वह अपने रुख पर कायम है और जवाब को टालने का फैसला केवल इस मामले में सामने रखे गए अनुरोधों और विभिन्न पक्षों के रुख के जवाब में लिया गया है।
यह फैसला उस समय सामने आया जब बद्र संगठन के प्रमुख हादी अल-आमेरी ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश के माध्यम से इराक़ी “इस्लामिक प्रतिरोध” समूहों से अपील की कि वे “अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा इराक़ पर किए गए आक्रमण” के जवाब में किसी भी कार्रवाई को फिलहाल टाल दें और तमाम कठिनाइयों के बावजूद इराक़ के सर्वोच्च राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दें।
अल-आमेरी ने अपने संदेश में कहा कि शहीदों और घायलों के अधिकारों के लिए कूटनीतिक माध्यमों से प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम सभी मुजाहिदीन से वादा करते हैं कि हम शहीदों और घायलों के अधिकारों को कूटनीतिक माध्यमों से आगे बढ़ाएंगे और उनकी सभी मांगों को पूरा करेंगे।”
यह अपील बग़दाद और इराक़ के कई अन्य प्रांतों में तनावपूर्ण रात के बाद सामने आई। इस दौरान राजधानी में सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर हाई अलर्ट पर रखा गया था और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बगदाद में तैनात किया गया था।
इसी बीच, इराक़ के प्रधानमंत्री और सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ अली अल-ज़ैदी के आदेश पर सैन्य तैयारियों का स्तर बढ़ा दिया गया। इसके बाद सभी कमांडर और अभियान से जुड़े अधिकारी बगदाद ऑपरेशंस कमांड के मुख्यालय में मौजूद रहे।
बगदाद ऑपरेशंस कमांड ने भी एक बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री और सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ के आदेश तथा बगदाद ऑपरेशंस कमांडर के सीधे निर्देश के तहत सुरक्षा इकाइयों ने अपने मिशनों को सटीक और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक क़दम उठाना शुरू कर दिया है।
अमेरिका और सऊदी अरब को जवाब देने का फैसला ऐसे समय में टाला गया है, जब सऊदी अरब की जनरल इंटेलिजेंस के प्रमुख खालिद बिन अली अल-हुमैदान आज इराक़ पहुंचे और उन्होंने इराक़ के प्रधानमंत्री अली फालेह अल-ज़ैदी से मुलाकात की।

