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68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में कई कलाकारों ने ट्रंप की नीतियों की आलोचना की

68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में कई कलाकारों ने ट्रंप की नीतियों की आलोचना की

68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं रहे, बल्कि कई कलाकारों ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कई बड़े कलाकारों ने इमिग्रेशन नीति, यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE), प्रवासी विरोधी कदमों और सामाजिक न्याय पर कड़ी टिप्पणियाँ कीं, जिससे दुनिया भर में चर्चा तेज हो गई।

बैड बनी ने “बेस्ट म्यूज़िका उर्बाना एल्बम” जीतने के बाद अपने भाषण में कहा,
“ICE बाहर जाओ!” उन्होंने कहा, “हम जंगली नहीं हैं, न जानवर हैं, न अजनबी। हम इंसान हैं और हम अमेरिकी हैं।” उन्होंने नफरत के बजाय प्यार की बात की और कहा कि नफरत से कोई बदलाव नहीं आएगा। उनके इस बयान से इमिग्रेशन नीतियों पर बहस ग्रैमी के मंच तक पहुँच गई।

मशहूर ब्रिटिश गायिका बिली आइ्लिश ने “सॉन्ग ऑफ द ईयर” जीतने के बाद कहा,
“चोरी की गई ज़मीन पर कोई भी गैरकानूनी नहीं होता। उन्होंने सीधे तौर पर ICE की नीतियों की आलोचना की और कहा कि विरोध जारी रहना चाहिए, हमारी आवाज़ मायने रखती है, और इंसानी ज़िंदगी की अहमियत है। उन्होंने दर्शकों से नफरत के बजाय प्यार, एकता और संघर्ष जारी रखने की अपील की।

ओलिविया डीन ने “बेस्ट न्यू आर्टिस्ट” का पुरस्कार लेते हुए अपने शरणार्थी पृष्ठभूमि के बारे में बात की और इस मुद्दे को अपने निजी अनुभव से जोड़ा, जिससे प्रवासियों और उनके अधिकारों पर चर्चा और मजबूत हुई। कार्यक्रम के दौरान जस्टिन बीबर और उनकी पत्नी हेली बीबर ने भी “ICE OUT” लिखे हुए बैज पहने। रिपोर्ट्स के अनुसार अन्य कलाकार, जैसे जोनी मिशेल, ने भी ICE की कड़ी आलोचना की और प्रवासी विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी बात रखी।

यह राजनीतिक रुख ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिका में इमिग्रेशन पुलिस और ICE के ऑपरेशनों की भारी आलोचना हो रही है और कई शहरों में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बहस जारी है।

ग़ाज़ा और फ़िलिस्तीन पर मशहूर हस्तियों के बयान
हालाँकि ग्रैमी 2026 में ग़ाज़ा या फ़िलिस्तीन पर कोई खास सीधे बयान सामने नहीं आए, लेकिन दुनिया की मनोरंजन इंडस्ट्री की कई मशहूर हस्तियों ने इस मुद्दे पर खुलकर अपना पक्ष रखा है। इनमें बिली आइ्लिश, हिना एइनबाइंडर, सेलेना गोमेज़ और रिहाना शामिल हैं।

बिली आइ्लिश फ़िलिस्तीन के समर्थन में एक खुले पत्र पर हस्ताक्षर कर चुकी हैं, जिसमें उस समय के राष्ट्रपति जो बाइडन से ग़ाज़ा  में युद्धविराम की मांग की गई थी। हिना एइनबाइंडर पहले भी “फ्री फ़िलिस्तीन” और “ICE मुर्दाबाद” जैसे नारे लगा चुकी हैं और “फिल्म वर्कर्स फॉर फ़िलिस्तीन” जैसे अभियानों में शामिल रही हैं।

सेलेना गोमेज़ ने गाज़ा में मानवीय संकट पर बयान दिया, आर्थिक मदद की और युद्ध-विराम की मांग की। रिहाना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स में ग़ाज़ा में हिंसा रोकने की अपील की थी।

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