पेंटागन लेबनान में ज़मीनी सैनिक भेजने की तैयारी में: वॉशिंगटन पोस्ट
वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) लेबनान में अमेरिकी ज़मीनी सैनिकों की तैनाती की तैयारी कर रहा है। बताया गया है कि, यह क़दम अमेरिका की मध्यस्थता में हाल ही में हुए विवादास्पद लेबनान-इस्राईल समझौते को लागू कराने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। इस समझौते में हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करने की बात कही गई है।
अख़बार ने मंगलवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस समझौते के पालन की निगरानी के लिए अमेरिकी सैनिक लेबनान की धरती पर तैनात किए जाएंगे, ताकि यह देखा जा सके कि लेबनान और इस्राईल दोनों समझौते का पालन कर रहे हैं या नहीं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ अमेरिकी सैनिक इस्राईली के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में भी तैनात किए जाएंगे।
वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अधिकारी युद्ध-विराम समझौते के किसी भी उल्लंघन की जानकारी सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को देंगे। हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर इस समझौते की निगरानी में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं निभाएंगे।
पिछले सप्ताह वॉशिंगटन में हस्ताक्षरित इस समझौते के तहत लेबनान की सेना को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह दक्षिणी लेबनान से इस्राईल की चरणबद्ध वापसी से पहले हिज़्बुल्लाह और अन्य “गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों” को निरस्त्र करने की प्रक्रिया की निगरानी करे।
हिज़्बुल्लाह ने इस समझौते को “अवैध, निरर्थक और अस्वीकार्य” बताते हुए पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि इस समझौते को जबरन लागू करने की कोशिश देश में आंतरिक अशांति और संघर्ष को जन्म दे सकती है।
हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने इसके बजाय ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौता-ज्ञापन को लागू करने की मांग की है, जिसके पहले बिंदु में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर स्थायी रूप से शत्रुता समाप्त करने की बात कही गई है।

