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शहीद हसन नसरुल्लाह की शहादत की दूसरी बरसी पर लेबनान में फिलिस्तीनियों का मार्च

शहीद हसन नसरुल्लाह की शहादत की दूसरी बरसी पर लेबनान में फिलिस्तीनियों का मार्च

लेबनान में फ़िलिस्तीनियों ने एक प्रदर्शन आयोजित कर ‘सैयद-ए-मुकावमत’ (प्रतिरोध के नेता) शहीद हसन नसरुल्लाह की याद में कहा कि, फिलिस्तीनी जनता हमेशा शहीद नसरल्लाह की ऋणी रहेगी। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सैयद हसन नसरुल्लाह की शहादत की दूसरी बरसी पर लेबनान में फ़िलिस्तीनियों ने एक बड़े मार्च का आयोजन किया। बेरूत से शुरू हुए इस मार्च के माध्यम से उन्होंने उनकी याद और विरासत को सम्मानित किया।

लेबनानी शिविरों में रहने वाले फिलिस्तीनी शरणार्थियों की बड़ी संख्या के साथ-साथ फ़िलिस्तीनी स्काउट दलों ने भी इस विशाल मार्च में हिस्सा लिया। यह मार्च प्रतिरोध के समर्थन के लिए समिति और फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध समितियों द्वारा आयोजित किया गया था। मार्च शहीद हाज क़ासिम सुलेमानी के स्मारक से शुरू हुआ और शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह के मक़बरे/श्राइन की ओर आगे बढ़ा।

लेबनानी और फ़िलिस्तीनी स्काउट दलों के साथ-साथ लेबनान के राजनीतिक दलों तथा फिलिस्तीनी गुटों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आम लोगों ने भी इस मार्च में भाग लिया। प्रतिभागी लेबनान और फ़िलिस्तीनी के झंडे, स्काउट बैनर तथा फ़िलिस्तीनी मुद्दे के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने वाले पोस्टर और तख्तियां लेकर चल रहे थे। बच्चों ने भी शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहन रखी थी।

प्रतिभागियों के बयान

रामा अली यूनुस, 18 वर्षीय फ़िलिस्तीनी युवती और सूर शहर स्थित अल-बुर्ज अल-शिमाली शरणार्थी शिविर की निवासी, ने मार्च में भाग लेते हुए कहा:

“शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह हमारे लिए बहुत प्रिय हैं। उन्होंने अपनी जवानी और अपना जीवन यरूशलम (कुद्स) के लिए कुर्बान कर दिया, जो हमारा मुख्य उद्देश्य है। और हम अल-अक्सा मस्जिद को आज़ाद करेंगे।”

अबू अम्र अल-अश्कर, बुर्ज अल-बराजनेह शिविर की कार्रवाई समिति के सदस्य, ने भी कहा कि शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह फ़िलिस्तीनी जनता के लिए बहुत प्रिय और सम्मानित व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि नसरुल्लाह के भाषण हमेशा फ़िलिस्तीनियों में यह भावना पैदा करते थे कि वे मुक्ति के और क़रीब पहुंच रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा:

“लेबनान में रहने वाले फ़िलिस्तीनियों को हमेशा इस बात पर गर्व रहेगा कि, शहीद नसरुल्लाह अपने जीवनकाल में उनके पड़ोसी रहे थे।”

लेबनान में हमास आंदोलन के सदस्य शेख अस्किम हिजाब ने कहा कि सैयद हसन नसरुल्लाह की शहादत फिलिस्तीन, लेबनान और पूरी दुनिया के स्वतंत्रताप्रेमी लोगों के लिए एक बड़ी क्षति थी। उन्होंने कहा कि नसरुल्लाह अपने भाषणों में इतनी सच्चाई और ईमानदारी से बात करते थे कि उनके दुश्मन भी, दोस्तों से पहले, उनकी बातों पर विश्वास करते थे।

हसन नसरुल्लाह और हाशिम सफीउद्दीन की दूसरी बरसी

सैयद हसन नसरुल्लाह और सैयद हाशिम सफीउद्दीन की शहादत की दूसरी बरसी से संबंधित कार्यक्रम कई दिनों पहले से ही लेबनान के विभिन्न स्थानों पर शुरू हो चुके हैं।

रविवार की दोपहर बेरूत के दहिया क्षेत्र में स्थित शहीद नसरुल्लाह के मक़बरे पर एक स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा।

सैयद-ए-मुकावमत (प्रतिरोध समूह के सरदार) की दूसरी बरसी के अवसर पर होने वाले बड़े समारोह की तैयारियों से परिचित सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। समारोह में शहीद नसरुल्लाह के विचारों और उनके भाषणों में व्यक्त रुख, तथा उन पीढ़ियों पर उनके विचारों के प्रभाव को रेखांकित किया जाएगा जिन्हें अन्याय को अस्वीकार करने और आक्रमण का मुक़ाबला करने के लिए तैयार किया गया है।

इस आधार पर, सैयद-ए-मुकावमत की दूसरी बरसी का यह समारोह यह संदेश देने के लिए आयोजित किया जा रहा है कि पिछले 30 वर्षों के दौरान उनके भाषण महज भाषण नहीं थे, बल्कि शहीद नसरुल्लाह  के रुख और उनके विचारों की गूंज चार या पांच पीढ़ियों तक पहुंची है और उन्होंने इन पीढ़ियों को अन्याय, अत्याचार और साम्राज्यवाद का विरोध करने के लिए तैयार करने में भूमिका निभाई है।

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