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नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर से पहले मिली चेतावनी को नज़रअंदाज़ कर आपराधिक लापरवाही की: नफ्ताली बेनेट

नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर से पहले मिली चेतावनी को नज़रअंदाज़ कर आपराधिक लापरवाही की: नफ्ताली बेनेट

इस्राएल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर 7 अक्टूबर 2023 के हमले से पहले मिले चेतावनियों के मामले में “आपराधिक लापरवाही” बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्पष्ट चेतावनियाँ मिलने के बावजूद नेतन्याहू ने सुरक्षा प्रमुखों को इसकी जानकारी नहीं दी और देश को ऐसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार नहीं किया।

यह आरोप उस रिपोर्ट के बाद सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायेद ने 7 अक्टूबर के हमले से लगभग दस दिन पहले नेतन्याहू को हमास की एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की योजना के बारे में चेतावनी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, बिन ज़ायेद ने हमास के तत्कालीन ग़ाज़ा प्रमुख याह्या सिनवार का नाम लेते हुए संभावित बड़े हमले की जानकारी दी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई थी। इसमें कथित तौर पर बताया गया था कि, हमास एक बड़े अभियान की तैयारी कर रहा है, जिससे क्षेत्र में गंभीर अस्थिरता पैदा हो सकती है।

पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा कि नेतन्याहू को इस्राएल के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चेतावनियां मिली थीं, लेकिन उन्होंने उन पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। बेनेट के अनुसार, नेतन्याहू ने सुरक्षा प्रतिष्ठान को आवश्यक रूप से सूचित नहीं किया और देश को संभावित हमले के लिए तैयार करने में विफल रहे।
बेनेट ने नेतन्याहू पर “व्यक्तिगत और प्रत्यक्ष जिम्मेदारी” होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पद पर एक मिनट भी और नहीं रहना चाहिए। उन्होंने हमले से पहले मिली चेतावनियों की अनदेखी को गंभीर विफलता करार दिया।

हालांकि, नेतन्याहू ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनके कार्यालय का कहना है कि, यूएई के राष्ट्रपति ने उन्हें 7 अक्टूबर के हमले के संबंध में ऐसी कोई चेतावनी नहीं दी थी। नेतन्याहू ने इस रिपोर्ट को झूठा बताते हुए कहा है कि, अगर यूएई के पास कोई महत्वपूर्ण ख़ुफ़िया जानकारी थी, तो उसे दोनों देशों की ख़ुफ़िया एजेंसियों के बीच साझा किया जाना चाहिए था।

इस पूरे मामले ने इस्राएल में 7 अक्टूबर के हमले से पहले की सुरक्षा और ख़ुफ़िया विफलताओं को लेकर राजनीतिक विवाद फिर तेज कर दिया है।
विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया है कि नेतन्याहू को क्या जानकारी मिली थी??
कब मिली थी??

और उन्होंने उस पर क्या कार्रवाई की??
विपक्ष लंबे समय से इन घटनाओं की स्वतंत्र जांच के लिए एक राज्य आयोग गठित करने की मांग कर रहा है।

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