लेबनॉन पर इस्राईल का आक्रमण, अमेरिका की मिलीभगत से जारी है: हिज़्बुल्लाह
हिज़्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान पर इस्राईल के हमलों की प्रतिक्रिया में कहा है कि ये आक्रमण अमेरिका की मिलीभगत से जारी हैं। लेबनान के हिज़्बुल्लाह समूह ने एक बयान जारी कर कहा: इस्राईली दुश्मन लेबनान के ख़िलाफ़ अपने आक्रमण और अपराधों को लगातार बढ़ा रहा है। वह बिना किसी रोक-टोक और झूठे बहानों के तहत हत्या, बमबारी, तबाही तथा घरों और गांवों को व्यवस्थित रूप से उड़ाने का सिलसिला जारी रखे हुए है। इन इलाकों के निशान तक मिटाए जा रहे हैं और वहां जीवन के सभी साधनों एवं बुनियादी ढांचे को नष्ट किया जा रहा है।
बयान में कहा गया है कि इस्राईली शासन का कल किया गया आतंकवादी हमला, पूर्ण अंतरराष्ट्रीय चुप्पी, अमेरिका की स्पष्ट मिलीभगत, लेबनानी सरकार की अपनी जिम्मेदारियां निभाने में पूरी तरह विफलता और उसके शर्मनाक ढंग से ग़लत विकल्पों पर क़ायम रहने के बीच हुआ। हिज़्बुल्लाह ने लेबनानी सरकार पर आत्मसमर्पण और समझौता करने की नीति अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि, दुश्मन हर दिन इस नीति को रौंद रहा है।
हिज़्बुल्लाह के अनुसार, इस नीति ने लेबनान के लिए शर्मिंदगी और अपमान के अलावा कुछ हासिल नहीं किया है और इसका परिणाम केवल इस्राईली क़ब्ज़े को मज़बूत करने तथा लेबनानी लोगों के खिलाफ इस्राईल के लगातार हमलों और अपराधों के रूप में सामने आया है। बयान के अनुसार, इन हमलों में चार लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए।
इन हमलों का उद्देश्य लेबनानी सरकार पर दबाव बनाना है
हिज़्बुल्लाह ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि यह लगातार जारी आक्रमण, जो अमेरिका की पूरी भागीदारी, संरक्षण और योजना के तहत किया जा रहा है, इसका कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है सिवाय इसके कि लेबनानी सरकार पर दबाव बनाया जाए और उससे ऐसी योजनाओं को लागू करवाया जाए, जिनके लक्ष्य पहले से निर्धारित हैं।
हिज़्बुल्लाह ने आरोप लगाया कि इसकी कीमत चाहे लेबनान को आंतरिक संघर्ष की दलदल में धकेलकर ही क्यों न चुकानी पड़े।
बयान में कहा गया है कि सरकार द्वारा इस निरर्थक, गैरकानूनी और संविधान-विरोधी रास्ते पर लगातार किए जा रहे थकाऊ और बेनतीजा प्रयास दुश्मन को अपने हमले जारी रखने के लिए आवश्यक आड़ प्रदान करते हैं। साथ ही इससे इस्राईल को अपने लक्ष्यों को हासिल करने तथा लेबनान पर अपनी शर्तें और निर्देश थोपने के लिए अतिरिक्त समय भी मिल रहा है।
हिज़्बुल्लाह ने कहा कि सरकार का यह दावा कि दुश्मन के साथ उसकी प्रत्यक्ष और बेनतीजा वार्ताओं तथा ‘दुर्भाग्यपूर्ण रूपरेखा समझौते’ से कोई उपलब्धि हासिल हुई है, इज़राइली कब्जे, लगातार हमलों, लेबनानी लोगों के खून बहने तथा विनाश और विस्फोटों के जारी रहने के कारण झूठा और निरर्थक साबित हो जाता है।
कुछ लेबनानी कैदियों की रिहाई लगातार हमलों को छिपाने का बहाना नहीं बन सकती
बयान में इस्राईली शासन की हिरासत से कुछ लेबनानी कैदियों की रिहाई का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कुछ कैदियों की रिहाई निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे लगातार जारी आक्रमण, क़ब्ज़े और हत्याओं की अनदेखी का पर्दा नहीं बनाया जा सकता। हिज़्बुल्लाह ने कहा कि यह रिहाई उस रास्ते को जारी रखने का औचित्य भी नहीं बन सकती, जिसकी लेबनान और उसके लोगों की रक्षा करने में विफलता और अक्षमता पहले ही साबित हो चुकी है।

