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इस्राईली रक्षामंत्री ने तुर्को के राष्ट्रपति एर्दोगान को दिया अल्टीमेटम 

इस्राईली रक्षामंत्री ने तुर्को के राष्ट्रपति एर्दोगान को दिया अल्टीमेटम 

सीरिया को लेकर तुर्की और इस्राईल के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्राईली शासन के रक्षा मंत्री इस्राईल काट्ज़ ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान को कड़ी चेतावनी दी है। काट्ज़ ने एर्दोगान पर तुर्की को सीरिया में “खतरनाक दुस्साहसिक गतिविधियों” की ओर धकेलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें इस्राईल की आत्मरक्षा के संकल्प को परखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

काट्ज़ ने कहा, “बेहतर होगा कि एर्दोगान इस्राईल के खिलाफ अपने खोखले और काल्पनिक भाषण जारी रखें और हमारी आत्मरक्षा के संकल्प को परखने की कोशिश न करें।”

काट्ज़ का यह बयान उस समय सामने आया है जब इस्राईली शासन ने पिछले मंगलवार को सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित अबू ज़हूर सैन्य हवाई अड्डे पर हवाई हमला किया था। रिपोर्टों के अनुसार, इस्राईली विमानों ने हवाई अड्डे के रनवे और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए कई हवाई हमले किए, जिनमें हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा।

इस्राईली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने हमले के बाद दावा किया कि सीरिया सुरक्षा से जुड़े मौजूदा हालात को बदलने और अलेप्पो के निकट एक हवाई अड्डे पर तुर्की सैनिकों की तैनाती की अनुमति देने की दिशा में आगे बढ़ रहा था। इस्राईली पक्ष का दावा है कि उसने सीरिया को पहले ही चेतावनी दी थी कि इस तरह की तैनाती उसकी सुरक्षा के लिए खतरा होगी, लेकिन इन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया गया।

दूसरी ओर, सीरिया में अमेरिका के विशेष दूत टॉम बराक ने कहा कि इदलिब में इस्राईली हमले इस आकलन से जुड़े हैं कि तुर्की निकट भविष्य में इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि तुर्की और इस्राईल के बीच सीधा सैन्य टकराव बेहद करीब आ गया था और अबू ज़हूर पर हमला दोनों देशों के बीच संभावित सीधे संघर्ष की गंभीर चेतावनी है।

अबू ज़हूर हवाई अड्डा तुर्की की सीमा से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह वर्ष 2013 से एक स्वतंत्र और सक्रिय सैन्य हवाई अड्डे के रूप में इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

अल-जोलानी सरकार के विदेश मंत्री का जवाब

दमिश्क में सत्ता पर काबिज़ सरकार के विदेश मंत्री असअद अल-शैबानी ने ‘एक्सियोस’ से बातचीत में कहा कि सीरिया ने इस्राईल के साथ समझौते तक पहुंचने की कोशिश की थी, लेकिन इस्राईल अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हट गया।

उन्होंने कहा, “हम अभी भी तनाव कम करने के लिए इस्राईल के साथ समझौते तक पहुंचने में रुचि रखते हैं और हमने इस्राईल के साथ बातचीत का रास्ता बंद नहीं किया है।”

अल-शैबानी ने कहा कि इस्राईल को सीरिया के प्रति अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीरिया ने अमेरिका को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि उसे सीरिया के प्रति इस्राईल के इरादों पर भरोसा नहीं है।

उन्होंने जोर देकर कहा, “सीरिया एक स्वतंत्र देश है और उसे तुर्की सहित किसी भी देश के साथ सहयोग और गठबंधन स्थापित करने का अधिकार है।”

अबू ज़हूर हवाई अड्डे पर हुए हमले के बारे में अल-शैबानी ने कहा कि सीरियाई सरकार ने इस्राईल को पहले ही सूचित कर दिया था कि वह हवाई अड्डे पर तुर्की की सैन्य मौजूदगी मजबूत करने के लिए अंकारा के साथ कोई सहयोग नहीं कर रही है। इसके बावजूद इस्राईल ने इस अड्डे पर हमला किया।

उन्होंने कहा कि वहां तुर्की का कोई सैन्य अड्डा बनाने, तुर्की की स्थायी सैन्य मौजूदगी स्थापित करने या तुर्की सैनिकों को तैनात करने की कोई योजना नहीं थी। उनके अनुसार, यह संदेश इस्राईली पक्ष को स्पष्ट रूप से दिया गया था और इसलिए इस्राईल के पास इस अड्डे पर बमबारी का कोई वैध औचित्य नहीं था।

अल-शैबानी ने बताया कि हवाई अड्डे पर चल रही गतिविधियां केवल युद्ध के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सुविधाओं के पुनर्निर्माण तक सीमित थीं, ताकि भविष्य में उनका इस्तेमाल सीरियाई वायुसेना द्वारा किया जा सके।

उन्होंने कहा कि हमले के समय हवाई अड्डा लगभग खाली था और अभी पुनर्निर्माण के चरण में था। वह पूरी तरह परिचालन योग्य सैन्य प्रतिष्ठान में तब्दील भी नहीं हुआ था।

सीरियाई तट पर तुर्की की नौसैनिक मौजूदगी से इस्राईल चिंतित

सीरिया को लेकर तुर्की और इस्राईल के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्राईली मीडिया ने दावा किया है कि तेल अवीव सीरियाई तट पर तुर्की की बढ़ती नौसैनिक मौजूदगी को लेकर चिंतित है।

इस्राईली चैनल 12 के अनुसार, तुर्की नौसेना के कमांडर ने पिछले जुलाई में सीरिया के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात ने इस्राईली सुरक्षा प्रतिष्ठान का ध्यान आकर्षित किया है और इस्राईली अधिकारी अंकारा तथा दमिश्क के बीच बढ़ते सैन्य एवं नौसैनिक सहयोग को लेकर चिंतित हैं।

इस्राईली मीडिया ने यह भी दावा किया कि हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कई बार तुर्की के नौसैनिक जहाजों को इस्राईली जहाजों के करीब आते हुए देखा गया। हालांकि अभी तक इन घटनाओं में कोई सैन्य टकराव नहीं हुआ है, लेकिन पूर्वी भूमध्यसागर में तुर्की की बढ़ती सैन्य मौजूदगी से दोनों देशों के बीच सीधे टकराव की आशंका बढ़ रही है।

सीरिया को लेकर तुर्की और इस्राईल के बीच बढ़ता तनाव अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है। सीरियाई क्षेत्र में दोनों देशों के रणनीतिक और सैन्य हितों का टकराव क्षेत्रीय तनाव को और गंभीर बना रहा है। अबू ज़हूर हवाई अड्डे पर हुआ हमला इसी बढ़ते टकराव की एक अहम कड़ी के रूप में सामने आया है।

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