फ़िलिस्तीनी कैदियों के खिलाफ इस्राइली दमन तेज, बेन गवीर की नीतियों पर गंभीर सवाल
फ़िलिस्तीनी कैदियों के सूचना कार्यालय के अनुसार, इस्राइल के आंतरिक सुरक्षा मंत्री बेन गवीर ने नेगेव जेल में फ़िलिस्तीनी कैदियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई को और बढ़ा दिया है। कार्यालय का आरोप है कि बेन गवीर के निर्देश पर कैदियों के बचे हुए कपड़े और कुरआन की प्रतियां तक जब्त की गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, नेगेव जेल के प्रत्येक हिस्से में, जिसमें लगभग 15 कमरे शामिल हैं, केवल एक कुरआन छोड़ा गया है। इसके अलावा, कैदियों के पास पहनने के लिए भी बहुत कम कपड़े बचे हैं। फ़िलिस्तीनी कैदियों के सूचना कार्यालय ने इन कार्रवाइयों को कैदियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ाने वाली नीति का हिस्सा बताया है।
फ़िलिस्तीनी पक्ष का कहना है कि जेलों में पहले से ही भोजन, स्वच्छता सामग्री और चिकित्सा सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याएं मौजूद हैं। ऐसे हालात में कपड़ों और धार्मिक पुस्तकों को जब्त करना कैदियों की मुश्किलों को और बढ़ाने वाला कदम है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस्राइली जेलों में लगभग 9,500 फ़िलिस्तीनी कैदी बंद हैं, जिनमें 94 महिलाएं और 350 से अधिक बच्चे शामिल हैं। फ़िलिस्तीनी संगठनों का आरोप है कि इन कैदियों को लंबे समय से कठोर परिस्थितियों, चिकित्सा लापरवाही, भोजन की कमी और अलगाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बेन गवीर के कार्यकाल में फ़िलिस्तीनी कैदियों के खिलाफ नीतियों को लेकर आलोचना और तेज हुई है। आलोचकों का कहना है कि कैदियों से उनके बुनियादी अधिकार छीनना और उनकी धार्मिक जरूरतों पर प्रतिबंध लगाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
फ़िलिस्तीनी पक्ष इन कार्रवाइयों को कैदियों पर दबाव बढ़ाने और उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश के रूप में देखता है। उसका कहना है कि सुरक्षा के नाम पर भी कैदियों के बुनियादी मानवीय अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता को खत्म नहीं किया जाना चाहिए।
फ़िलिस्तीनी कैदियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं और संबंधित संगठनों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।

