अगर अमेरिका ने इस्राईल को नहीं रोका, तो ईरान उसे सबक सिखाएगा: अराक़ची
इस्राईल के रक्षा मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने चेतावनी दी कि ईरानी जनता या देश के अधिकारियों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की धमकी का तुरंत और शक्तिशाली जवाब दिया जाएगा।
अराक़ची ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति ने संयुक्त राज्य अमेरिका को यह ज़िम्मेदारी दी है कि वह तेल अवीव में अपने पाले हुए सहयोगियों को नियंत्रित करे। यदि वे अपने संरक्षक के आदेश की अवहेलना करते हैं, तो ईरान उन्हें आवश्यक सबक सिखाएगा।”
उल्लेखनीय है कि सोमवार देर रात इस्राईल के रक्षा मंत्री ने ईरान के अधिकारियों को निशाना बनाने और ईरान के विरुद्ध अधिक व्यापक युद्ध की धमकी दी थी।
लेबनान, सीरिया और ग़ाज़ा में अनिश्चितकाल तक रहेंगे: इस्राईली रक्षामंत्री
इस्राईली शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में अपने कब्ज़े को जारी रखने की बात दोहराई है। इस बार उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा है कि इस्राईल लेबनान, सीरिया और ग़ाज़ा में अपनी सैन्य मौजूदगी अनिश्चितकाल तक बनाए रखेगा।
इस्राईल के रक्षा मंत्री इस्राईल काट्ज़ ने ईरान के साथ हुए दो संघर्षों में इस्राईल को हुई कठिनाइयों का उल्लेख किए बिना एक बार फिर धमकी भरे बयान दिए। उन्होंने कहा, “यदि ज़रूरत पड़ी तो हम तीसरी बार भी ईरान पर हमला करेंगे।”
हालाँकि उन्होंने अपने बयान में अप्रत्यक्ष रूप से ईरान की सैन्य क्षमता को स्वीकार करते हुए कहा, “हमें यह इंतज़ार नहीं करना चाहिए कि ख़तरा हमारे घरों तक पहुँच जाए। ज़मीनी हक़ीक़त बदलने के लिए हमें लड़ना होगा।”
इस्राईली सैन्य कार्रवाई पर बढ़ रही आलोचना
इस्राईल की ओर से लगातार दिए जा रहे सैन्य बयानों और ग़ाज़ा, लेबनान तथा सीरिया में जारी अभियानों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना होती रही है। अनेक देशों, मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने नागरिक आबादी पर पड़ने वाले प्रभाव, बड़े पैमाने पर विस्थापन और मानवीय संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
आलोचकों का कहना है कि लगातार सैन्य कार्रवाई और कब्ज़े की नीति से क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बजाय तनाव और अस्थिरता बढ़ रही है।

