हमारे हमलों के बाद एर्दोगान को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा: इस्राईल काट्ज़
इस्राईल के रक्षामंत्री मंत्री इस्राईल काट्ज़ ने दावा किया है कि, सीरिया के अबू अल-ज़ुहूर हवाई अड्डे पर इस्राईली हमले के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
काट्ज़ ने कहा कि, इस्राईली सेना को सुरक्षा संबंधी ख़ुफ़िया जानकारी मिलने के बाद उसने कई बार अबू अल-ज़ुहूर हवाई अड्डे पर हमला करने की सिफारिश की थी।
उन्होंने दावा किया, “हमें ऐसी जानकारी मिली थी कि तुर्की अबू अल-ज़ुहूर हवाई अड्डे पर कुछ ऐसी गतिविधियां करने की योजना बना रहा है, जो इस्राईल की सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा कर सकती थीं।”
काट्ज़ ने कहा, “हम किसी भी पक्ष को इस्राईल की सुरक्षा को खतरे में डालने की अनुमति नहीं देंगे। जिस तरह हमने दक्षिणी सीरिया में कार्रवाई की है, उसी तरह किसी भी ख़तरे का मुकाबला करेंगे। यही 7 अक्टूबर से हमने सीखा सबसे महत्वपूर्ण सबक है।”
इस्राईली मंत्री के अनुसार, इस संबंध में मिली ख़ुफ़िया जानकारी अमेरिका की संबंधित संस्थाओं को भी भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि, जब इस अनुरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने और प्रधानमंत्री ने सेना को हमला करने की मंजूरी देने पर सहमति जताई और यह अभियान सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
काट्ज़ ने आगे कहा कि, अमेरिकी दूत टॉम बैरक के बयान “भ्रामक तर्कों” से भरे हुए हैं और वे स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गोलान हाइट्स के संबंध में अपनाए गए रुख के विपरीत हैं।
इससे पहले अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने कहा था कि, इस्राईल ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और पूरे अंतरराष्ट्रीय तंत्र के विपरीत गोलान हाइट्स पर क़ब्ज़ा कर रखा है।
काट्ज़ ने दावा किया कि “सीरिया में अबू अल-ज़ुहूर हवाई अड्डे पर हमारे हमले के बाद एर्दोआन को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।”
इसी बीच, नेतन्याहू के कार्यालय ने पिछली रात दावा किया कि तुर्की के सैनिक अबू अल-ज़ुहूर सैन्य अड्डे पर तैनात होने और सीरियाई क्षेत्र से इस्राईल के ख़िलाफ़ अपनी गतिविधियों का विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे यह कार्यालय बर्दाश्त नहीं करने की बात कह रहा है।
इस्राईली प्रधानमंत्री कार्यालय ने एर्दोगान को “यहूदी-विरोधी तानाशाह” बताते हुए उन पर कुर्दों के खिलाफ हत्याओं, हमास के समर्थन और अपने ही देश की जनता के दमन का आरोप भी लगाया।
उधर, सीरिया ने मंगलवार, 27 मर्दाद को बताया था कि इस्राईल ने देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में और तुर्की की सीमा के निकट स्थित अबू अल-ज़ुहूर सैन्य अड्डे पर आठ हवाई हमले किए हैं।
अबू अल-ज़ुहूर सैन्य अड्डा तुर्की की सीमा से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है। वर्ष 2013 के बाद से यह एक स्वतंत्र सैन्य हवाई अड्डे के रूप में सक्रिय नहीं है। सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान इस अड्डे पर कई बार सरकारी बलों और विरोधी समूहों का क़ब्ज़ा बदलता रहा है।
इस्राईली हमला ऐसे समय में हुआ जब एर्दोगान ने कुछ दिन पहले कहा था कि, अगर परिस्थितियां मजबूर करती हैं तो अंकारा इस्राईल के साथ संघर्ष से नहीं डरेगा। हालांकि, अब तक तुर्की ने सीरिया में अपने हितों के खिलाफ इस्राईली हमलों के जवाब में कोई ठोस सैन्य कार्रवाई नहीं की है।

