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ईरान के लिए इराक़ हवाई अड्डों पर लगाए गए प्रतिबंधों में छूट के लिए बग़दाद की वॉशिंगटन से बातचीत

ईरान के लिए इराक़ हवाई अड्डों पर लगाए गए प्रतिबंधों में छूट के लिए बग़दाद की वॉशिंगटन से बातचीत

इराक़ सरकार ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू की है, ताकि इराक के हवाई अड्डों को ईरान से जुड़ी उड़ानों के संबंध में अमेरिकी प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों से छूट दिलाई जा सके। इराक़ का कहना है कि वह क्षेत्र में तनाव कम करना चाहता है और मौजूदा संकटों का समाधान बातचीत तथा कूटनीतिक प्रयासों के जरिए किया जाना चाहिए।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 8 सितंबर 2026 को ईरान के विमानन क्षेत्र पर नए प्रतिबंध लगाए और 27 ईरानी विमानन कंपनियों को निशाना बनाया। इसके बाद इराक़ के नजफ़  अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने 25 सितंबर से ईरान से आने-जाने वाली सभी उड़ानों को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया। इस फैसले से दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क प्रभावित हुआ है।

ईरान में इराक़ के राजदूत यासिर अल-हज्जाज ने कहा कि इराक उड़ानों को सामान्य स्थिति में वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि उड़ानों का निलंबन इराक़ी छात्रों, मरीज़ों, यात्रियों और ईरान में रहने वाले इराक़ी नागरिकों के लिए गंभीर कठिनाइयां पैदा कर रहा है। उनके अनुसार, इसका असर दोनों देशों के लोगों के बीच आवागमन और संपर्क पर भी पड़ रहा है।

इस फैसले को इराक के कई राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों, व्यापारियों और अन्य वर्गों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। पूर्व प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल-महदी ने इसे इराक़ की संप्रभुता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि, ईरान के लिए इराक़ी हवाई अड्डों को बंद करना एक बड़ी ग़लती है। हरकत अल-नुजबा के प्रमुख अकरम अल-काबी और कताइब सैय्यद अल-शुहदा के प्रमुख अबू अला अल-वलाई ने भी उड़ानों पर प्रतिबंध का विरोध किया।

कुछ इराक़ी सांसदों ने कहा कि, अमेरिका के एकतरफा प्रतिबंधों को लागू करना इराक़ की संप्रभुता को प्रभावित कर सकता है। नजफ़ के अधिकारियों ने भी व्यापारियों, छात्रों, मरीज़ों और तीर्थयात्रियों पर पड़ने वाले आर्थिक और सामाजिक प्रभावों की ओर ध्यान दिलाया है।

इराक़ की पूर्व संचार मंत्री और सांसद हयाम अल-यासिरी ने चेतावनी दी कि उड़ानों पर प्रतिबंध से इराक़ को आर्थिक नुकसान हो सकता है और मरीज़ों तथा छात्रों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इराक़ी विशेषज्ञ मुहम्मद अल-ज़ैदावी ने इस निर्णय को जल्दबाजी में उठाया गया क़दम बताया। उन्होंने कहा कि इससे इराक़ के बाजार और पर्यटन क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, मामला अमेरिकी प्रतिबंधों, इराक़ की संप्रभुता, ईरान-इराक़ हवाई संपर्क और दोनों देशों के नागरिकों की व्यावहारिक जरूरतों के बीच पैदा हुए तनाव से जुड़ा है। इराक फिलहाल अमेरिका से छूट हासिल करने और उड़ानों को सामान्य स्थिति में बहाल करने के प्रयास कर रहा है।

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