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कोरोना ने अर्थव्यवस्था का जनाज़ा निकाला, कूडा बीन रहे हैं नामचीन बिल्डर्स

कोरोना महामारी के कारण दुनिया की बडी बडी ताकतों का भ्रमजाल टूट कर रह गया है! अमेरिका समेत दुनिया के विकसित और खुशहाल समझे जाने वाले कई देशों की वास्तविकता और असलियत दुनिया के सामने खुल कर आ गई है।

यही नही कि दुनिया के सुपर पावर और समृद्ध कहलाने वाले इन देशों की चिकित्सा पद्धति ठप्प हो कर रह गई बल्कि अर्थव्यवस्था का भी जनाज़ा निकल गया।

जापान जो दुनिया का तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है उसके जर्जर हालात कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) के जरिए सामने आ रहे हैं। टोक्यो में इसी महामारी के कारण भूखे रह रहे लोगों के लिए खाने का इंतेजाम करने वाले युइचिरो (Yuichiro) देश में महामारी के कारण गरीबी के हालात के बारे में बताते हुए भावुक हो गए।

ठंड के समय टोक्यो की सड़कों पर प्लास्टिक की थैलियां चुनने वाले एक 46 वर्षीय शख्स ने बताया कि अब तक वह कंस्ट्रक्शन का काम कर रहे थे लेकिन अब कोई काम नहीं मिल रहा। उन्होंने बताया, ‘लोग रेलवे स्टेशनों पर सोने को मजबूर हैं, कुछ भूख से तड़प तड़प कर जान दे रहे हैं।’

वॉलंटियर टीम से भोजन, कपड़े, स्लीपिंग बैग और चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के लिए टोक्यो के भीड़-भाड़ वाले इकेबुकुरो जिले में लगभग 250 लोगों की लंबी कतार लगी। इसमें उनलोगों को भी सलाह दी गई जो रोजगार की तलाश कर रहे हैं।

बता दें कि संसद के नए सत्र के अपने भाषण में जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने कहा कि वायरस को नियंत्रित करने के लिए सरकार जुर्माने और मुआवजे के प्रावधान के साथ कानून संशोधित करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का फरवरी के आखिर में टीकाकरण शुरू करने का लक्ष्य है।

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