युद्ध अमेरिका के लिए थकाऊ साबित हो रहा, इंटरसेप्टर मिसाइलें खत्म होने की कगार पर: ब्लूमबर्ग
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Bloomberg की एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में कहा गया है कि जारी संघर्ष अमेरिका के लिए धीरे-धीरे संसाधन-आधारित चुनौती का रूप लेता जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान ने 1200 से अधिक “शाहेद” ड्रोन दागे हैं। इन ड्रोन हमलों की लगातार आवृत्ति के कारण अमेरिकी वायु-रक्षा तंत्र को बार-बार सक्रिय होना पड़ रहा है, जिससे इंटरसेप्टर मिसाइलों के भंडार पर दबाव बढ़ रहा है।
विश्लेषण में यह भी उल्लेख किया गया है कि ड्रोन अपेक्षाकृत कम लागत वाले और बड़ी संख्या में उपयोग किए जा सकने वाले हथियार माने जाते हैं। इसके विपरीत, उन्हें मार गिराने के लिए इस्तेमाल होने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलें महंगी और सीमित संख्या में उपलब्ध होती हैं। इस असंतुलन के कारण लंबे समय तक जारी रहने वाला टकराव अमेरिका के लिए लॉजिस्टिक और आर्थिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण बन सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि रक्षा संसाधन इसी प्रकार खर्च होते रहे तो वे क्षमताएँ भी प्रभावित हो सकती हैं जिन्हें अधिक जटिल और उन्नत खतरों से निपटने के लिए सुरक्षित रखा गया था। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी स्थिति में रणनीतिक प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार की आवश्यकता पड़ सकती है, ताकि रक्षा तंत्र को संतुलित और टिकाऊ बनाए रखा जा सके।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट यह संकेत देती है कि लंबा खिंचता संघर्ष केवल सैन्य मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि संसाधनों और रणनीतिक योजना के स्तर पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

