वेनज़ुएला की जनता ने रात में सड़कों पर मार्च कर मादुरो की रिहाई की मांग की
वेनज़ुएला की जनता ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण के विरोध में सड़कों पर उतरकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। शनिवार को, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक संयोजित ऑपरेशन के तहत मादुरो को अपहरण कर अमेरिका ले जाने की कोशिश की, जिससे पूरी दुनिया स्तब्ध रह गई। इस अचानक और हिंसक कार्रवाई के बाद वेनज़ुएला के उच्च न्यायालय ने उपाध्यक्ष डेलसी रोड्रिग्ज को अस्थायी राष्ट्रपति घोषित किया। अमेरिकी अदालत ने मादुरो को सोमवार दोपहर न्यूयॉर्क में पेश होने का आदेश दिया।
मादुरो के अपहरण की खबर फैलते ही, वेनज़ुएला में हजारों लोग रात के समय सड़कों पर उतरे और अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता के उल्लंघन और “साम्राज्यवादी आक्रमण” के खिलाफ आवाज उठाई। विरोध प्रदर्शन केवल वेनज़ुएला तक सीमित नहीं रहे। दुनिया के विभिन्न शहरों में भी अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ एकजुटता दिखी। न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन डी.सी., बोस्टन, टोरंटो, मॉन्ट्रियल, लंदन, पेरिस और बर्लिन में हजारों लोगों ने सड़कों पर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी सरकार की इस अचानक कार्रवाई को गैरकानूनी और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
सोशल मीडिया पर भी विरोध की लहर फैली, जहाँ लोग अमेरिका की कार्रवाई की निंदा कर रहे थे और मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे थे। कई विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अपहरण और विदेशी हस्तक्षेप से न केवल वेनज़ुएला की आंतरिक स्थिरता पर संकट गहरा होगा, बल्कि वैश्विक राजनीतिक तनाव भी बढ़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने अमेरिकी कार्रवाई को राष्ट्रों की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करार दिया। विरोध प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि कोई भी देश अन्य देशों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। वेनज़ुएला और दुनिया भर के लोग इस कार्रवाई के खिलाफ खड़े हैं, और इसे वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा मान रहे हैं।

