ओमान पर अमेरिकी सीनेटर की ट्रंप को चेतावनी: अधिक दुश्मन बनाना केवल वॉशिंगटन की मुश्किलों को बढ़ाएगा
डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क केली ने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले ओमान के संदर्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को गैर-तार्किक बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि और अधिक दुश्मन बनाना केवल वॉशिंगटन की मुश्किलों को बढ़ाएगा।
सीनेटर मार्क केली ने आज तड़के ओमान के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप की कल दी गई धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी कि नए दुश्मन बनाना “बिल्कुल भी समझदारी की बात नहीं है।”
केली ने सीएनएन से बातचीत में कहा, “ओमान हमारा सुरक्षा साझेदार रहा है और ईरानियों के साथ होने वाली किसी भी तरह की बातचीत में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।”
उन्होंने ट्रंप के धमकी भरे बयानों को ईरान के खिलाफ युद्ध के संबंध में उनकी हताशा का परिणाम बताया। केली ने कहा, “समस्या का एक हिस्सा यह है कि राष्ट्रपति बिना किसी रणनीति, बिना किसी स्पष्ट रणनीतिक लक्ष्य, बिना किसी योजना और बिना किसी समय-सीमा के इस मामले में उतर गए। अब वह इसमें फंस चुके हैं और उन्हें इससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है।”
केली ने अमेरिकी सरकार के दावे के विपरीत कहा कि पेट्रोल, डीजल, उर्वरक और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें तब तक जारी रहेंगी, जब तक ट्रंप इस स्थिति से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं खोज लेते।
अमेरिकी नौसेना के पूर्व सैनिक रहे केली ने ट्रंप की उन गलत रणनीतिक गणनाओं का भी उल्लेख किया, जिनके कारण यह युद्ध शुरू हुआ। उन्होंने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप जैसे लोग हमेशा होते हैं, जो सोचते हैं कि हवाई शक्ति और बमबारी समस्याओं का समाधान है। सैन्य अभियान में हवाई शक्ति किसी बड़ी रणनीति का एक हिस्सा होती है, लेकिन वही पूरी रणनीति नहीं होती। वह इस बात को समझ नहीं सके… और अब अमेरिकी जनता को उनकी गलतियों की कीमत चुकानी पड़ रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप अभी तक “अमेरिकी जनता को यह समझाने में सक्षम नहीं हुए हैं कि यह पूरा मामला आखिर किस बारे में है और इससे हमारे देश को किस तरह फायदा हो रहा है।”
केली ने चेतावनी दी कि जब तक ट्रंप इस स्थिति से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं खोजते, तब तक “हम और अधिक समस्याओं को जमा होते हुए देखते रहेंगे।”

