ट्रंप के उपराष्ट्रपति का ईरान से समझौते को लेकर बड़ा दावा
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर एक अहम बयान दिया है। वह इस समय आर्मेनिया की राजधानी येरेवन के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम और वॉशिंगटन की नीति से जुड़े सवालों का जवाब दिया।
जेडी वेंस से पूछा गया था कि क्या अमेरिका ईरान को सीमित स्तर पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देने पर विचार कर सकता है और क्या “शून्य संवर्धन” अमेरिका के लिए एक स्पष्ट लाल रेखा है। इसके जवाब में वेंस ने कहा कि ईरान के साथ चल रही वार्ताओं में फिलहाल कोई निश्चित लाल रेखा तय नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन वार्ताओं में लाल रेखाएं निर्धारित करने का अंतिम अधिकार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास होगा।
वेंस के इस बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है जब हाल के दिनों में अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ईरान के साथ किसी संभावित समझौते की संभावना पर लगातार संकेत दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जून में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी। उसी दौरान, अमेरिका की मौन सहमति के बीच इज़रायल ने ईरान पर सैन्य हमला किया था।
इसके कुछ ही दिनों बाद, अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। इन ठिकानों पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी मौजूद थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल भी उठे।
अपने बयान में वेंस ने यह भी दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ समझौते के पक्षधर हैं और उनका मानना है कि तेहरान के साथ किसी समझौते पर पहुँचना सभी पक्षों के हित में होगा। हालांकि, इसके समानांतर अमेरिका ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में बड़ी संख्या में अपने नौसैनिक जहाज़ तैनात कर रखे हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता और जटिलता साफ झलकती है।

