ट्रंप की धमकियां ईरान को झुकाने में नाकाम साबित हो रही हैं: न्यूयॉर्क टाइम्स”
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार तड़के फिर से ईरान के संवर्धित यूरेनियम को लेकर सख्त बयान देते हुए कहा कि तेहरान या तो अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को अमेरिका के हवाले करे या अंतरराष्ट्रीय निगरानी में उसे नष्ट करे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन लगातार ईरान पर दबाव बनाकर अपनी शर्तों वाला समझौता थोपने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि अमेरिकी अख़बार “न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया है कि ट्रंप की “अधिकतम दबाव” नीति अब तक ईरान को झुकाने में नाकाम रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के बावजूद अमेरिका अब तक वह समझौता हासिल नहीं कर सका जिसकी उसे उम्मीद थी। अख़बार ने लिखा कि तेहरान ने दबाव के सामने पीछे हटने के बजाय अपनी शर्तों और रणनीतिक रुख को बरकरार रखा है।
इसी बीच अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी एक महत्वपूर्ण स्वीकारोक्ति की है। सेंटकॉम के प्रवक्ता टिम हॉकिंस ने “फॉक्स न्यूज़” से बातचीत में माना कि दक्षिणी ईरान के कुछ ठिकानों पर हमला किया गया, जिसे युद्ध-विराम के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका लगातार खुद को तनाव कम करने का पक्षधर बताता रहा है।
दूसरी ओर “अल-जज़ीरा” ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया कि ईरान ने पिछले 24 घंटों के दौरान अमेरिकी बलों को निशाना बनाने की कोशिश की। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और दोनों पक्षों के तीखे बयानों ने मध्य पूर्व की स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

