ट्रंप की मांग पर हास्यास्पद है! ईरानी बमबारी से आत्मसमर्पण नहीं करेंगे: पूर्व अमेरिकी राजनयिक
अमेरिका के एक वरिष्ठ पूर्व राजनयिक ने ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह सोचना “हास्यास्पद” है कि ईरान को सैन्य दबाव या बमबारी के जरिए झुकाया जा सकता है।
मध्य पूर्व में लंबे समय तक अमेरिकी राजदूत रह चुके रायन क्रॉकर, जिन्हें ईरान के साथ कई दौर की वार्ताओं का अनुभव है, ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरानी समाज बेहद मजबूत और संघर्षशील मानसिकता रखता है। उनके अनुसार, ईरान के अधिकांश लोगों ने आठ साल लंबे ईरान-इराक युद्ध का कठिन दौर देखा है, इसलिए वे बाहरी दबाव और युद्ध की धमकियों से आसानी से टूटने वाले नहीं हैं।
क्राउकर ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान से “पूर्ण आत्मसमर्पण” की मांग वास्तविकता से दूर प्रतीत होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि ईरान पर जितना अधिक सैन्य दबाव डाला गया, वहां उतना ही राष्ट्रीय एकजुटता का माहौल पैदा हुआ।
पूर्व अमेरिकी राजनयिक ने यह भी कहा कि केवल बमबारी या सैन्य कार्रवाई के जरिए किसी राष्ट्र की राजनीतिक इच्छाशक्ति को खत्म नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, ईरानी नेतृत्व और जनता दोनों ने दशकों तक प्रतिबंधों, दबावों और युद्ध जैसी परिस्थितियों का सामना किया है, इसलिए वे ऐसी धमकियों के सामने आसानी से झुकने वाले नहीं हैं।
रायन क्रॉकर का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने इस बहस को और तेज कर दिया है।

