ट्रंप ने ईरान युद्ध के बाद नाटो से बाहर निकलने की धमकी दी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बीच नाटो (NATO) पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए एक बार फिर इस सैन्य गठबंधन से बाहर निकलने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के दौरान नाटो ने अमेरिका का अपेक्षित समर्थन नहीं किया, जो उनके अनुसार एक बड़ी रणनीतिक और राजनीतिक गलती है।
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा: “मेरा मानना है कि, नाटो की एक घातक गलती यह थी कि, वे वहां मौजूद नहीं थे।” उनका इशारा इस बात की ओर था कि ईरान से जुड़े तनाव और संभावित संघर्ष में नाटो देशों की सक्रिय भागीदारी नहीं दिखी।
उन्होंने नाटो की वित्तीय व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और कहा कि, अमेरिका पर इस गठबंधन का बोझ असमान रूप से ज्यादा है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका हर साल सैकड़ों अरब डॉलर खर्च करता है ताकि यूरोपीय और अन्य सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, जबकि बदले में उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि, अगर यह स्थिति जारी रहती है, तो अमेरिका के लिए नाटो में बने रहने का कोई ठोस कारण नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि नाटो से बाहर निकलने पर अमेरिका को भारी आर्थिक लाभ हो सकता है और इन संसाधनों को देश के भीतर या अन्य प्राथमिकताओं में लगाया जा सकता है।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हमेशा नाटो के समर्थन और रक्षा के लिए तैयार रहा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में वॉशिंगटन को यह महसूस हो रहा है कि यह साझेदारी एकतरफा होती जा रही है।
अंत में ट्रंप ने सवाल उठाया: “जब वे हमारे लिए मौजूद नहीं हैं, तो हमें वहां क्यों रहना चाहिए?”—जो इस बात का संकेत है कि भविष्य में अमेरिका-नाटो संबंधों में तनाव और बढ़ सकता है।

