ट्रंप ने ईरान के दबाव में अपना बयान बदला; होर्मुज़ जलडमरूमध्य शुक्रवार के बाद खोला जाएगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले अपने सोशल मीडिया संदेश में घोषणा की थी कि ईरान पर लागू समुद्री नाकाबंदी तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य भी तुरंत खोल दिया जाएगा। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद उन्होंने अपना बयान बदलते हुए कहा कि जलडमरूमध्य को शुक्रवार के बाद, यानी संभावित समझौते पर हस्ताक्षर होने के पश्चात खोला जाएगा। इस बदलाव को कई विश्लेषक वॉशिंगटन की उस मजबूरी के रूप में देख रहे हैं, जिसमें उसे क्षेत्रीय वास्तविकताओं और ईरान की स्थिति को ध्यान में रखना पड़ा।
पिछले कई वर्षों से अमेरिका और इज़रायल ईरान पर अधिकतम दबाव की नीति अपनाते रहे हैं। कठोर प्रतिबंधों, सैन्य धमकियों और क्षेत्रीय तनाव के बावजूद वे तेहरान को अपनी शर्तें मानने के लिए मजबूर नहीं कर सके। अब ट्रंप प्रशासन द्वारा बयान में किया गया अचानक संशोधन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि अमेरिका को वार्ता प्रक्रिया को बचाने के लिए कुछ कदम पीछे हटने पड़े हैं।
अगर अमेरिका हस्तक्षेप नहीं करता तो, इज़रायल “दो घंटे भी नहीं टिक पाता: ट्रंप
ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कहा कि, इज़रायल को अमेरिका का आभारी होना चाहिए। किसी भी संभावित समझौते के तहत ईरान को केवल निम्न स्तर के यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) तक सीमित रखा जाएगा। यदि वार्ता अंतिम समझौते तक नहीं पहुंचती है, तो वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ सैन्य हमले फिर से शुरू करेगा।
ट्रंप ने कहा, “बेंजामिन नेतन्याहू बहुत कठिन व्यक्ति हैं और उन्हें हमारे द्वारा किए गए कदमों के लिए हमारा आभारी होना चाहिए। क्योंकि यदि ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता, तो इज़रायल दो घंटे भी टिक नहीं पाता।”

