Site icon ISCPress

ईरान युद्ध का परिणाम अमेरिका के लिए “ऐतिहासिक पराजय” साबित हुआ

ईरान युद्ध का परिणाम अमेरिका के लिए “ऐतिहासिक पराजय” साबित हुआ

नॉर्वे के प्रोफेसर ग्लेन डीसन का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका अपने किसी भी घोषित उद्देश्य को हासिल नहीं कर सका। सोशल मीडिया पर कई विदेशी उपयोगकर्ताओं ने भी इस आकलन का समर्थन किया है।

ग्लेन डीसन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अमेरिका के ईरान-विरोधी सैन्य अभियान को “महाक्रोध अभियान” नाम दिए जाने पर तंज कसते हुए लिखा: मार्को रुबियो यह दावा करते हैं कि अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के बाद “महाक्रोध अभियान समाप्त हो गया।” लेकिन वास्तविकता यह है कि इस युद्ध में ईरान विजयी रहा। न तो सत्ता परिवर्तन हुआ, न कोई परमाणु समझौता हुआ, न बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन कार्यक्रम पर कोई रोक लगी, और न ही ईरान तथा उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच कोई दूरी पैदा हुई। इसके विपरीत, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य अब ईरान के प्रभावी नियंत्रण में है। क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को भारी क्षति पहुँची है, अमेरिका की गठबंधन व्यवस्था कमजोर हुई है और पेट्रोडॉलर व्यवस्था के पुनर्जीवित होने की संभावना भी कम हो गई है।

उन्होंने आगे कहा कि यह “ऐतिहासिक पराजय” केवल एक और असफल शासन परिवर्तन युद्ध नहीं था, बल्कि इससे मध्य-पूर्व में अमेरिका की रणनीतिक स्थिति गंभीर रूप से कमजोर होगी। इस संघर्ष का एकमात्र परिणाम बड़ी संख्या में ईरानियों की मौत और एपस्टीन मामले को मीडिया की सुर्खियों से दूर रखना रहा।

सोशल मीडिया पर सक्रिय कई लोगों ने एक्स पर अमेरिकी ठिकानों को हुए गंभीर नुकसान, तेल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी और वैश्विक बाज़ारों में पैदा हुई उथल-पुथल को अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय साख को गहरी चोट पहुँचाने वाले प्रमुख कारण बताया है।

Exit mobile version