ईरान के खिलाफ़ इज़रायल और अमेरिका की धमकियों पर रूस का विरोध
रूस के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार की शाम अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पैदा की जा रही तनावपूर्ण स्थिति को समाप्त करने की मांग की। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी फ़ार्स के अनुसार, परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को बहाना बनाकर अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ़ बार-बार दी जा रही अमानवीय और आक्रामक धमकियों पर मॉस्को ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
रूस के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार शाम एक बयान जारी कर अमेरिका और इज़रायल से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों को रोकने का आह्वान किया। इस मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने अपने बयान में कहा कि ईरान के खिलाफ़ इज़रायल की धमकियाँ परमाणु अप्रसार व्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव डालती हैं।
समाचार एजेंसी स्पुतनिक के अनुसार, ज़ाखारोवा ने इस विषय में कहा,
“इस प्रकार के बयानों में निहित ईरान-विरोधी वैचारिक बोझ कोई नई बात नहीं है। इसके बावजूद, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बार-बार और स्पष्ट रूप से ऐसी महत्वाकांक्षाओं को अस्वीकार किया है। इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना रुख़ वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिसकी आधारशिला परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) है।”
उन्होंने आगे कहा,
“हम लापरवाह और युद्धोन्मादी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे अपने विनाशकारी रास्ते की पूरी हानिकारकता को समझें, ईरान और उसके परमाणु कार्यक्रम के इर्द-गिर्द तनाव बढ़ाने से बचें और जून 2025 में की गई उन घातक गलतियों को दोहराने से परहेज़ करें, जिनके कारण ईरान में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की सत्यापन गतिविधियों को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचा।”

