ईरान में नहीं, अमेरिका में ही सत्ता परिवर्तन की ज़रूरत है: डेमोक्रेट लीडर
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ़्रीज़ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि ट्रंप प्रशासन और कट्टर रिपब्लिकन नेताओं ने मध्य पूर्व में एक जल्दबाज़ी और बिना ठोस रणनीति के युद्ध छेड़ दिया, जिसके गंभीर परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
जेफ़्रीज़ ने आरोप लगाया कि इस युद्ध को “ईरान में शासन परिवर्तन” के नाम पर सही ठहराने की कोशिश की गई, लेकिन वास्तविकता में इससे न तो अमेरिका को कोई रणनीतिक लाभ मिला और न ही क्षेत्र में स्थिरता आई। उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियाँ केवल तनाव बढ़ाती हैं और अमेरिका को अनावश्यक संघर्षों में उलझा देती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस युद्ध के कारण अमेरिकी जनता को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। पेट्रोल और ऊर्जा की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों की ज़िंदगी महंगी हो गई है। साथ ही, अरबों डॉलर इस संघर्ष में खर्च हो रहे हैं, जिन्हें देश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर लगाया जा सकता था।
जेफ़्रीज़ ने सुरक्षा के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, इस तरह की आक्रामक विदेश नीति ने अमेरिका को पहले से अधिक असुरक्षित बना दिया है और वैश्विक स्तर पर उसके रिश्तों को भी नुकसान पहुंचाया है।
अपने बयान के अंत में उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर “शासन परिवर्तन” की बात करनीडेमोक्रेटिक ही है, तो उसकी ज़रूरत ईरान में नहीं बल्कि अमेरिका के भीतर है। उनका यह बयान सीधे तौर पर ट्रंप और उनकी नीतियों की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है, जो आगामी राजनीतिक बहस को और तेज़ कर सकता है।

