भारत-अमेरिका समझौते पर राहुल गांधी के 5 सवाल और गृहमंत्री शाह का पलटवार
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अपने हमले तेज करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस समझौते को लेकर 5 तीखे सवाल पूछे और चिंता जताई कि “हम भारतीय किसानों के साथ धोखा होते हुए देख रहे हैं।” दूसरी ओर राहुल गांधी के लगातार हमलों से सत्तारूढ़ मोर्चे की नाराज़गी बढ़ती जा रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर “हमेशा झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने” का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी को हिंद-अमेरिका व्यापार समझौते पर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि समझौते में भारतीय किसानों के हितों की रक्षा की गई है।
समझौते पर राहुल गांधी के सवाल
पहला सवाल: विपक्ष के नेता ने पहला सवाल अमेरिका से सूखे अनाज के आयात पर उठाया और पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय पशु अमेरिकी मक्का से बने चारे पर निर्भर हो जाएंगे, जिससे दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति भी अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर हो सकती है?
दूसरा सवाल: उन्होंने सोयाबीन तेल के आयात की अनुमति से संबंधित उठाया। राहुल गांधी ने पूछा कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित देशभर के सोया किसानों का क्या होगा और वे इससे कैसे निपट पाएंगे?
तीसरा सवाल: कांग्रेस नेता ने तीसरा सवाल समझौते में मौजूद “अतिरिक्त वस्तुएं” शब्द के संबंध में किया। उन्होंने पूछा कि “अतिरिक्त वस्तुओं” में क्या-क्या शामिल है और क्या यह समय के साथ दालों और अन्य फसलों के लिए भी भारतीय बाजार खोलने के दबाव का संकेत है?
चौथा सवाल: विपक्ष के नेता का चौथा सवाल “गैर-व्यापारिक बाधाएं हटाने” से जुड़ा है। उन्होंने पूछा कि क्या इसका इस्तेमाल आनुवंशिक रूप से परिवर्तित (जीएम) फसलों के बारे में भारत के रुख को नरम करने, किसानों से फसल की खरीद कम करने या न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में कटौती के दबाव के लिए किया जाएगा?
पांचवां सवाल: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का पांचवां सवाल इस समझौते में बरती गई नरमी के कारण भारत को होने वाले दीर्घकालिक नुकसान से जुड़ा है। उन्होंने आशंका जताई कि “एक बार दरवाजा खुल गया तो हर साल उसे और अधिक खुलने से हम कैसे रोकेंगे?” राहुल गांधी ने कहा कि हर साल नए-नए अमेरिकी कृषि उत्पाद इस सौदे की मेज पर रख दिए जाएंगे।
मुद्दा आज का ही नहीं, भविष्य का भी है: राहुल
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ हो रहे इस व्यापार समझौते में जो नरमी और झुकाव दिखाया जा रहा है, वह सिर्फ आज का नहीं बल्कि भारत की कृषि आत्मनिर्भरता और किसानों के भविष्य का सवाल है। इस पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या हम किसी दूसरे देश को भारत के कृषि कारोबार पर प्रभुत्व स्थापित करने की अनुमति दे सकते हैं?”
गृहमंत्री अमित शाह का पलटवार, झूठ बोलने का आरोप
रविवार को गुजरात में मौजूद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा झूठ बोलकर जनता को गुमराह करती रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है।
उन्होंने कहा, “जब संसद में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी किसानों के अधिकारों की बात करते हैं तो मुझे हंसी आती है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आपने किसानों से कितना अनाज खरीदा था? हमने आपसे 15 गुना अधिक अनाज एमएसपी पर खरीदा है। आपके समय में किसानों का बजट सिर्फ 26 हजार करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर मोदी जी ने 1 लाख 29 हजार करोड़ रुपये कर दिया है।”
राहुल गांधी को खुली बहस की चुनौती
अमित शाह ने राहुल गांधी को किसानों के हितों की रक्षा के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जी, आप मंच तय कीजिए कि कहां बहस करनी है। भाजपा युवा मोर्चा का कोई भी नेता आकर आपसे बहस कर लेगा कि किसने किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया और किसने उनकी भलाई के लिए काम किया।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय केवल 500 गांवों में कनेक्टिविटी पहुंची थी, जबकि आज 1 लाख 7 हजार गांवों तक कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है। उन्होंने 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो मुफ्त अनाज देने का उल्लेख करते हुए कहा कि हर गरीब नागरिक के खाद्य अधिकार की रक्षा की जाएगी।

