“गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू ने देश की प्रगति को सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी बताया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में विवादों के बीच भारत शांति का संदेश फैला रहा है, जो मानवता के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। अपने सार्वजनिक संबोधन में उन्होंने ऑपरेशन सेंडूर, महिलाओं को सशक्त बनाने, देश की आर्थिक प्रगति और ‘वंदे मातरम्’ जैसी कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और हम जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में निवेश के माध्यम से देश अपनी आर्थिक संरचना को उच्च स्तर पर पुनर्गठित कर रहा है।
उन्होंने भारतीय संविधान के महत्व, लोकतांत्रिक प्रणाली में मतदाताओं की भूमिका, देश की सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की शक्ति का उल्लेख किया। उन्होंने सेना, पुलिस, किसानों, शिक्षकों, डॉक्टरों, नर्सों, युवाओं, सफाई कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्योगपतियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों के योगदान को सराहा।
राष्ट्रपति ने महिलाओं, आदिवासियों, गरीबों और वंचित वर्गों के लिए सरकार के कार्यक्रमों और उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने विभिन्न अवसरों पर सरदार वल्लभ भाई पटेल, महाकवि सुभ्रमण्यम भारती, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, बर्सा मोंडा, बंकिम चंद्र चटर्जी, श्री नारायण गुरु, रवींद्रनाथ टैगोर, बाबा साहब अंबेडकर और महर्षि अरविंद को याद किया।
उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियानों को जन आंदोलन का रूप दिया गया है और गांवों व शहरों में स्थानीय संस्थाओं को प्रगतिशील परिवर्तन का माध्यम बनाया गया है। विकसित भारत का निर्माण सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। समाज में अपार शक्ति होती है। जब सरकार के प्रयासों को जनता का समर्थन मिलता है, तो क्रांतिकारी परिवर्तन संभव होते हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने किसानों को भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बताया और कहा कि उनकी पीढ़ियों की मेहनत ने देश को खाद्य पदार्थों में आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

