नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नवी पिल्लै ने नेतन्याहू पर मुक़दमा चलाने की मांग की
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता नवी पिल्लै, जिन्हें वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार मिलने का दावा किया गया है, ने ग़ाज़ा में युद्ध अपराधों के आरोप में इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर ग़ाज़ा पट्टी में कथित युद्ध अपराधों के आरोप में मुक़दमा चलाने की मांग की है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी आलोचना करते हुए कहा कि, उनकी भाषा हिंसा को बढ़ावा देती है।
स्काई न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में पिल्लै ने कहा कि किए गए उल्लंघनों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी और न्यायिक जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने न्याय और कानून के शासन को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भी कड़ी आलोचना की
इसी संदर्भ में पिल्लै ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि, ट्रंप की बयानबाजी हिंसा भड़काने में योगदान देती है। उल्लेखनीय है कि नवी पिल्लै दक्षिण अफ्रीका की मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। वह पहले अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की न्यायाधीश रह चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की उस जाँच समिति की अध्यक्षता की थी, जिसने निष्कर्ष निकाला था कि, ग़ाज़ा में इस्राईल द्वारा नरसंहार किया गया है।
नॉर्वे की नोबेल समिति ने वर्ष 2026 के लिए पिल्लै को यह पुरस्कार देने का निर्णय लिया था। लेख के अनुसार, उन्हें यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय शांति और न्याय को बढ़ावा देने तथा मानवता के विरुद्ध अपराधों का विरोध करने के उनके असाधारण प्रयासों के लिए दिया गया।

