मनोज जरांगे 30 मई से फिर करेंगे भूख हड़ताल
मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे ने एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। आरक्षण के मुद्दे पर अपने गांव अंतरवाली सराटी में आयोजित बैठक के बाद उन्होंने घोषणा की कि वह 30 मई से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उनका आरोप है कि सरकार ने पिछले वर्ष जो वादे किए थे, उन पर अब तक पूरी तरह अमल नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले साल मुंबई के आज़ाद मैदान में मनोज जरांगे की भूख हड़ताल के बाद महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय के उन लोगों को कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने का फैसला लिया था, जिनका उल्लेख हैदराबाद गजट में कुनबी के रूप में दर्ज है। हालांकि जरांगे का कहना है कि 10 महीने बीत जाने के बाद भी बहुत कम लोगों को इसका लाभ मिल पाया है। उनके अनुसार अब तक केवल 308 लोगों को ही कुनबी प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
मनोज जरांगे ने कहा कि मराठा समाज पिछले तीन वर्षों से आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहा है और काफी हद तक सफलता भी मिली है, लेकिन अभी कई मुद्दे बाकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से मराठा समाज के युवा अधिकारी बनने लगे हैं, तब से सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन सरकार को मराठा समाज की ताकत का एहसास कराया जाएगा।
जरांगे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधे आरोप लगाने से इनकार किया, लेकिन सवाल उठाया कि जब सरकार ने हैदराबाद गजट के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दिया था, तो फिर अधिकारियों ने प्रक्रिया क्यों रोक दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रमाणपत्र जारी नहीं किए गए तो बड़ा आंदोलन होगा।
उधर, इस घोषणा के बाद ओबीसी समाज भी सतर्क हो गया है। ओबीसी नेता बबनराव तायडे ने कहा कि सरकार पहले ही इस मुद्दे पर फैसला ले चुकी है, इसलिए उसी मांग को लेकर दोबारा आंदोलन करना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ओबीसी समाज से किए गए वादे पूरे नहीं किए, तो ओबीसी समुदाय भी बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगा।

