कुवैत के आसमान में अमेरिकी सैन्य लापरवाही की बड़ी घटना
कुवैत के आसमान में आज सुबह जो हुआ, उसने एक बार फिर दुनिया के सामने अमेरिकी सैन्य तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार कुवैत में अमेरिका का एक एफ-15 लड़ाकू विमान अपने ही सैनिकों की गोलीबारी का शिकार होकर गिर गया। यह घटना तथाकथित “विश्व की सबसे ताकतवर सेना” के दावों पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
बताया जा रहा है कि यह विमान संयुक्त राज्य अमेरिका की वायुसेना से संबंधित था और किसी सैन्य अभियान या गश्ती मिशन पर था। लेकिन जिस तरह से वह अपने ही सिस्टम की आग का निशाना बना, वह दर्शाता है कि अमेरिकी सैन्य समन्वय और कमांड संरचना में गंभीर कमियां मौजूद हैं। जारी तस्वीरों में दिखता है कि विमान के ज़मीन से टकराने से पहले दोनों पायलटों को इजेक्ट करना पड़ा और वे पैराशूट के जरिए नीचे उतरे।
यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब अमेरिका अपनी ही सेनाओं के बीच तालमेल नहीं बैठा पा रहा, तो वह दुनिया में “सुरक्षा” और “स्थिरता” का दावा किस आधार पर करता है? ऐसे हादसे न केवल उसकी सैन्य रणनीति की कमजोरी दिखाते हैं, बल्कि उन देशों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं जहां वह अपनी मौजूदगी बनाए हुए है।
यह घटना अमेरिका की सैन्य नीतियों और उसकी आक्रामक वैश्विक भूमिका पर गंभीर पुनर्विचार की मांग करती है।

