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महाराष्ट्र में ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक की मोहलत

महाराष्ट्र में ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक की मोहलत

रिक्शा और टैक्सी चलाने के लिए मराठी भाषा जानना अनिवार्य किए जाने के मामले में परिवहन विभाग ने मंगलवार को घोषणा की है कि ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक का समय दिया जा रहा है। साथ ही 16 अगस्त को इस संबंध में समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर नीति को लेकर आगे के फैसले किए जाएंगे। हालांकि दस्तावेजों की जांच 1 मई से शुरू कर दी जाएगी, लेकिन मराठी न जानने के आधार पर 15 अगस्त तक किसी का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि परिवहन विभाग की ओर से दो अलग-अलग अभियान शुरू किए जा रहे हैं। इनमें से एक यह जांच करना है कि रिक्शा और टैक्सी चलाने के लिए कहीं किसी ने फर्जी या नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल तो नहीं किया है। उदाहरण के तौर पर, किसी ने महाराष्ट्र में 15 वर्ष की अवधि पूरी किए बिना ही डोमिसाइल प्रमाणपत्र तो प्राप्त नहीं कर लिया। यदि किसी का डोमिसाइल प्रमाणपत्र या कोई अन्य दस्तावेज फर्जी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरा मामला मराठी भाषा जानने को अनिवार्य बनाने का है। याद रहे कि सोमवार को परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik के साथ हुई बैठक में रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के संगठनों के प्रतिनिधियों ने अनुरोध किया था कि मराठी जानना अनिवार्य करने वाली शर्त को 1 मई से लागू न किया जाए और ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए कुछ समय दिया जाए।

मंगलवार को राज्य के सभी 59 आरटीओ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह घोषणा की गई कि यद्यपि जांच अभियान 1 मई से शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन मराठी न जानने की वजह से 15 अगस्त तक किसी ड्राइवर का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा। इस 100 दिनों से अधिक की अवधि में मराठी जानने की स्थिति पर एक समीक्षा रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर 16 अगस्त को इस नीति के संबंध में आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

Mira-Bhayandar में यह अभियान पहले ही शुरू किया जा चुका है। यहां कल 3,443 रिक्शा ड्राइवरों की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि 565 ड्राइवर मराठी भाषा से अनभिज्ञ हैं। हालांकि उन्होंने मराठी सीखने की इच्छा जताई है।

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त Ravindra Gaikwad की अध्यक्षता में गठित एक समिति दैनिक और साप्ताहिक आधार पर इस अभियान की समीक्षा करेगी तथा जांच रिपोर्टों के आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए आरटीओ को निर्देश जारी करेगी। मंत्री प्रताप सरनाइक ने यह भी बताया कि इस समिति के माध्यम से पूरे अभियान की प्रभावी योजना और क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

उनके अनुसार, मराठी सीखने के इच्छुक ड्राइवरों के लिए आरटीओ कार्यालयों में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और Konkan Marathi Sahitya Parishad तथा Mumbai Marathi Sahitya Sangh के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा मराठी सीखने के लिए पुस्तिकाएं और ई-बुकलेट्स भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने यह भी बताया कि मराठी भाषा सीखने वाले ड्राइवरों को राज्य सरकार की ओर से एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा और लाइसेंस के नवीनीकरण के समय यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

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