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मादुरो: क्या ग़ाज़ा के बच्चों की हत्या को ईसा मसीह का समर्थन प्राप्त है”??

मादुरो: क्या ग़ाज़ा के बच्चों की हत्या को ईसा मसीह का समर्थन प्राप्त है”??

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इज़रायली शासन के समर्थक ईसाई-बहुल देशों को संबोधित करते हुए कहा: क्या ग़ाज़ा के बच्चों की हत्या को ईसा मसीह का समर्थन प्राप्त है??

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने ग़ाज़ा में बच्चों की हत्या के मुद्दे पर इज़रायल समर्थक ईसाई-बहुल देशों पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि क्या ग़ाज़ा के मासूम बच्चों की हत्या को ईसा मसीह का समर्थन प्राप्त है?? यह बयान उन्होंने देश की सशस्त्र सेनाओं के साथ नए साल के अवसर पर आयोजित बैठक में दिया।

महर समाचार एजेंसी ने रूस टुडे के हवाले से बताया कि मादुरो ने कहा, “क्या ईसा मसीह ग़ाज़ा के बच्चों की हत्या को स्वीकार करते हैं?” उन्होंने ईसाई मूल्यों का हवाला देते हुए इज़रायल के समर्थन में खड़े देशों की नीतियों पर सवाल खड़े किए। मादुरो ने कहा कि ईसा मसीह शांति, करुणा और मानवता का संदेश देते हैं, न कि युद्ध और निर्दोषों की हत्या का।

इस दौरान मादुरो ने वेनेज़ुएला के खिलाफ़ अमेरिका की लगातार बढ़ती धमकियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या ईसा मसीह वेनेज़ुएला जैसे ईसाई देश को सैन्य और आर्थिक रूप से धमकाने को जायज़ ठहराते हैं। राष्ट्रपति ने अमेरिका की ओर से बनाए जा रहे दबाव को अनुचित बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।

मादुरो ने अमेरिकी धमकियों के बावजूद साहस और प्रतिबद्धता दिखाने के लिए वेनेज़ुएला की सशस्त्र सेनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में वेनेज़ुएला की जनता की शक्ति पहले से कहीं अधिक मज़बूत होकर सामने आई है। यह शक्ति किसी किताब, सिद्धांत या भाषण में नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर व्यवहारिक रूप से साबित हुई है।

उन्होंने वेनेज़ुएला की जनता की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति पर ज़ोर देते हुए कहा कि अब देश के बच्चे यह महसूस करते हैं कि वेनेज़ुएला किसी दूसरे देश का उपनिवेश नहीं रहा। मादुरो ने राजनीतिक, सैन्य, आर्थिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में जनता के प्रयासों की सराहना की और कहा कि देश को लंबे, सक्रिय और प्रभावी प्रतिरोध के लिए तैयार रहना होगा।

गौरतलब है कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला को सैन्य और आर्थिक रूप से घेर रखा है और उसकी सरकार से सत्ता छोड़ने की मांग कर रहा है। वहीं, काराकास का आरोप है कि वॉशिंगटन की इन धमकियों का असली उद्देश्य क्षेत्र के विशाल तेल संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करना है।

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