ट्रंप की ईरान नीति पर कमला हैरिस का तीखा हमला: “यह युद्ध अमेरिकी जनता की इच्छा के खिलाफ”
अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति Kamala Harris कमला हैरिस ने ईरान के खिलाफ अपनाई गई Donald Trump डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की युद्ध नीति पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे एक ऐसी रणनीति बताया, जिसने क्षेत्र में तनाव, अस्थिरता और व्यापक विनाश की आशंकाओं को बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि यह युद्ध न केवल अमेरिकी जनता की इच्छा के विरुद्ध है, बल्कि इसे शुरू करने के पीछे स्पष्ट राष्ट्रीय हित भी दिखाई नहीं देता।
C-SPAN सी-स्पैन के अनुसार, अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कमला हैरिस ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध का रास्ता चुनना कूटनीति की विफलता का संकेत है। उनके अनुसार, जब किसी संघर्ष को बिना व्यापक जनसमर्थन, बिना स्पष्ट संसदीय सहमति और बिना दूरगामी परिणामों पर गंभीर विचार किए शुरू किया जाता है, तो उसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है—चाहे वे अमेरिका के नागरिक हों या मध्य-पूर्व के लोग।
हैरिस ने ट्रंप के आक्रामक बयानों और सैन्य कार्रवाई की भाषा की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी नीति ने विश्व मंच पर अमेरिका की छवि को भी प्रभावित किया। उनका इशारा इस ओर था कि कठोर बयानबाज़ी और शक्ति-प्रदर्शन की राजनीति अक्सर हालात को शांत करने के बजाय और भड़काने का काम करती है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि युद्ध कोई राजनीतिक प्रदर्शन का मंच नहीं होता, बल्कि यह मानव जीवन, क्षेत्रीय शांति और वैश्विक स्थिरता से जुड़ा गंभीर विषय है। उनके मुताबिक, जिस संघर्ष को ताकत के प्रदर्शन के रूप में पेश किया गया, वह अंततः एक विवादास्पद और व्यापक आलोचना झेलने वाली नीति बनकर सामने आया।
कमला हैरिस अपने समर्थकों की एक सभा को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने उस युद्ध की आलोचना की, जिसे वॉशिंगटन ने इज़रायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ शुरू किया।
उन्होंने कहा,
“जब आप ईरान में इस युद्ध को देखते हैं — एक ऐसा युद्ध जिसे अमेरिकी जनता नहीं चाहती, एक ऐसा युद्ध जिसे कांग्रेस ने मंजूरी नहीं दी, और अगर मंजूरी दे भी दी होती, तब भी इसे शुरू नहीं किया जाना चाहिए था।”
इसके बाद उन्होंने सीधे ट्रंप के धमकी भरे बयानों की ओर इशारा करते हुए कहा,
“वह तबाही मचाने की बातें करते रहे, और फिर दावा किया कि उन्होंने जो कुछ भी किया… लेकिन सच यह है कि यह सब सिर्फ एक ढेर सारी बकवास है।”

