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इटली ने इज़रायल के साथ सैन्य समझौते के विस्तार को रोका

इटली ने इज़रायल के साथ सैन्य समझौते के विस्तार को रोका

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक अहम बयान देते हुए कहा है कि इटली ने इज़रायल के साथ अपने सैन्य सहयोग समझौते के स्वतः विस्तार को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब मध्य-पूर्व में तनाव तेजी से बढ़ रहा है और अमेरिका-इज़रायल तथा ईरान के बीच टकराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

मेलोनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वर्तमान हालात में इटली की प्राथमिकता क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना और संघर्ष को और बढ़ने से रोकना है। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति न केवल सीधे तौर पर शामिल देशों को प्रभावित करती है, बल्कि इसका असर पूरे यूरोप और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।

उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य का जिक्र किया, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। यह जलडमरूमध्य तेल और गैस आपूर्ति का मुख्य रास्ता है, और इसके बंद होने या बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। मेलोनी ने कहा कि इसे खुला रखना केवल ईंधन आपूर्ति के लिए ही नहीं, बल्कि रासायनिक उर्वरकों जैसी जरूरी वस्तुओं के परिवहन के लिए भी बेहद आवश्यक है।

इटली के इस फैसले को कूटनीतिक दृष्टि से संतुलित कदम माना जा रहा है। एक तरफ वह इज़रायल के साथ उसके पुराने संबंधों को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, वहीं दूसरी ओर यह संकेत देता है कि इटली मौजूदा युद्ध की परिस्थितियों से दूरी बनाकर शांति प्रयासों को प्राथमिकता देना चाहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय देशों पर बढ़ते दबाव के कारण ऐसे फैसले सामने आ रहे हैं, क्योंकि वे एक ओर अमेरिका के सहयोगी हैं, तो दूसरी ओर उन्हें अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों का भी ध्यान रखना पड़ता है।

कुल मिलाकर, इटली का यह कदम मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि यूरोप अब केवल दर्शक बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि शांति और स्थिरता की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।

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