इज़रायली अख़बार की रिपोर्ट: अमेरिका के मिसाइल भंडार पर संकट
हिब्रू भाषा के अख़बार मारीव ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ईरान के साथ युद्ध ने न केवल अमेरिका पर अरबों डॉलर का आर्थिक बोझ डाला, बल्कि उसके महंगे और अत्याधुनिक सटीक निशाना साधने वाले हथियारों के बड़े भंडार को भी काफी हद तक कम कर दिया है।
अमेरिकी हथियारों के हर एक प्रक्षेपण की लागत इस भारी खर्च का अंदाज़ा देती है।
अनुमान के अनुसार,
टॉमहॉक मिसाइल की कीमत लगभग 26 लाख डॉलर,
SM-3 मिसाइल की कीमत करीब 2 करोड़ 87 लाख डॉलर,
SM-6 मिसाइल की कीमत लगभग 53 लाख डॉलर,
THAAD मिसाइल की कीमत करीब 1 करोड़ 55 लाख डॉलर,
और पैट्रियट मिसाइल की कीमत लगभग 39 लाख डॉलर बताई गई है।
इस विश्लेषण के मुताबिक, युद्ध के दौरान अमेरिका ने 850 से अधिक टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जबकि पैट्रियट मिसाइलों का उपयोग हजारों की संख्या में हुआ है। इससे स्पष्ट है कि युद्ध ने अमेरिका के सैन्य भंडार पर गहरा असर डाला है।
चिंता केवल इस्तेमाल की गई मिसाइलों की संख्या को लेकर नहीं है, बल्कि इन हथियारों के भंडार को दोबारा भरने की बेहद धीमी रफ़्तार भी बड़ी समस्या है। कुछ सैन्य प्रणालियों में निर्माण से लेकर सेना तक पहुंचने में चार साल तक का समय लग सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल अमेरिका के पास मौजूदा युद्ध परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त हथियार मौजूद हैं, लेकिन भविष्य को देखते हुए यह स्थिति चिंताजनक दिखाई देती है।
विशेष रूप से, यदि अमेरिका को आने वाले समय में चीन जैसी बड़ी सैन्य शक्ति के साथ व्यापक टकराव का सामना करना पड़ा, तो उसके मौजूदा हथियार भंडार खतरनाक स्तर तक कम पड़ सकते हैं, जो उसकी सैन्य रणनीति और वैश्विक प्रभाव के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

