इज़रायल, दक्षिणी ग़ाज़ा पट्टी में सैन्य अड्डा बना रहा है
दक्षिणी ग़ाज़ा पट्टी में इज़रायल द्वारा एक नए “उन्नत सैन्य अड्डे” के निर्माण की खबर ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। इज़रायली सैन्य विश्लेषक रोन बेन यिशाय ने शनिवार को बताया कि ग़ाज़ा में युद्ध-विराम समझौते के उल्लंघन के तहत इज़रायली सेना एक “उन्नत सैन्य अड्डे” का निर्माण कर रही है।
बताया जा रहा है कि अगले महीने के मध्य तक यह अड्डा पूरी तरह सक्रिय हो सकता है, जिसके बाद इज़रायली सेना उस पूरे क्षेत्र में व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकती है, जो “पीली रेखा” से लेकर समुद्री तट तक फैला हुआ है। रोन बेन यिशाय के अनुसार, यह सैन्य अड्डा खान यूनुस के दक्षिण-पूर्व में स्थित तथाकथित “पीली रेखा” (येलो लाइन) के किनारे बनाया जा रहा है।
बताया गया है कि इस अड्डे का इस्तेमाल इज़रायली सैनिकों को एकत्र करने के लिए किया जाएगा, ताकि दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी में “पीली रेखा” और समुद्री तट के बीच पूरे क्षेत्र में व्यापक ज़मीनी सैन्य अभियान शुरू किया जा सके।
यह कदम फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध के साथ हुए युद्ध-विराम समझौते का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। इज़रायल का दावा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य “सशस्त्र समूहों के बचे हुए ठिकानों” या उस क्षेत्र में हमास के शासन के किसी भी निशान को समाप्त करना है।
रोन बेन यिशाय ने यह भी कहा कि, ग़ाज़ा में इज़रायली सेना वही रणनीति अपना रही है, जो उसने लेबनान में नवंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच हुए युद्ध_विराम के दौरान अपनाई थी—यानी “तत्काल ख़तरे” का हवाला देकर लगभग रोज़ाना हमले करना।

