युद्ध समाप्ति को लेकर ईरान का 14-सूत्रीय जवाब पाकिस्तान की मध्यस्थता से भेजा गया
ऐसा प्रतीत होता है कि ईरान (Iran) और अमेरिका (United States) के बीच पाकिस्तान Pakistan को मध्यस्थ बनाकर संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। इसी क्रम में तेहरान ने युद्ध समाप्त करने के संबंध में अपने प्रमुख प्रस्तावों और दृष्टिकोणों पर आधारित 14 बिंदुओं वाला जवाब पाकिस्तानी पक्ष को सौंप दिया है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से युद्धविराम और तनाव कम करने को लेकर ईरान की ओर से भेजा गया 14-सूत्रीय जवाब इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ईरान किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने के बजाय सम्मानजनक और न्यायपूर्ण समाधान चाहता है। तेहरान ने अपने जवाब में साफ कर दिया है कि क्षेत्र में अस्थिरता और युद्ध की स्थिति समाप्त करने के लिए संवाद का रास्ता खुला है, लेकिन यह संवाद ईरानी राष्ट्र के वैध अधिकारों, राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा हितों की कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश भी देता है कि यदि अमेरिका वास्तव में तनाव कम करना चाहता है, तो उसे दबाव और प्रतिबंधों की नीति छोड़कर बराबरी और सम्मान के आधार पर बातचीत करनी होगी। ईरान ने एक बार फिर साबित किया है कि वह अपनी राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा करते हुए शांति के लिए गंभीर और व्यावहारिक पहल करने की क्षमता रखता है।
जानकार सूत्रों के अनुसार, यह जवाब वॉशिंगटन (Washington, D.C.) की ओर से दिए गए 9-सूत्रीय प्रस्ताव के प्रत्युत्तर में तैयार किया गया है। ईरान ने इसमें अपनी लाल रेखाओं (रेड लाइन्स) पर जोर देने के साथ-साथ, थोपे गए युद्ध को समाप्त करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी प्रस्तावित किया है।
समाचार एजेंसी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी (Fars News Agency) के संवाददाता को जानकारी मिली है कि यह संदेश संबंधित सरकारी और राष्ट्रीय संस्थाओं में सामान्य विचार-विमर्श और निर्णय-प्रक्रिया पूरी होने तथा आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया।
ऐसा लगता है कि पाकिस्तान के जरिए जारी यह कूटनीतिक प्रयास, भले ही अमेरिकी पक्ष के प्रति गहरे संदेह के माहौल में आगे बढ़ रहा हो, लेकिन साथ ही यह अपने राष्ट्रीय अधिकारों और हितों की रक्षा के प्रश्न पर अमेरिका के सामने ईरान की गंभीरता, आत्मविश्वास और स्पष्ट नीति का भी संकेत देता है।

