ईरान ने 17 दिशाओं से USS फोर्ड पर हमला किया, जान बचाने के लिए भागना पड़ा: ट्रंप
मियामी में सऊदी निवेशकों की एक बैठक के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि ईरान ने दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत USS जेराल्ड फोर्ड पर संगठित और बहु-दिशात्मक हमला किया।
उनके अनुसार, यह हमला इतने बड़े पैमाने पर था कि अमेरिकी बलों को अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा।
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने 17 अलग-अलग दिशाओं से एक साथ हमला किया, जिससे हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गए। उन्होंने इसे एक बेहद खतरनाक और निर्णायक सैन्य घटना बताया और कहा कि उस समय अमेरिकी सैनिकों के सामने जान बचाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
हालांकि, ट्रंप के इस दावे पर पहले से जारी आधिकारिक अमेरिकी बयान सवाल खड़े करते हैं। पेंटागन ने इससे पहले USS जेराल्ड फोर्ड के अस्थायी रूप से निष्क्रिय होने की वजह एक तकनीकी घटना बताते हुए कहा था कि जहाज़ के लॉन्ड्री सेक्शन (कपड़े धोने वाले हिस्से) में आग लग गई थी, जिसके कारण कुछ समय के लिए उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हुई।
इस तरह ट्रंप के बयान और पेंटागन के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बीच स्पष्ट विरोधाभास देखने को मिल रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ट्रंप का दावा सही है, तो यह क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिका-ईरान संबंधों के लिए गंभीर संकेत हो सकता है। वहीं, यदि यह केवल राजनीतिक बयानबाज़ी है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम और तनाव बढ़ सकता है।
फिलहाल, इस मुद्दे पर किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है, जिससे स्थिति और भी अस्पष्ट बनी हुई है।

