‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने छात्रों से एस्ट्रोनॉमी क्लबों से जुड़ने की अपील की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण में देशभर में हो रहे प्रेरणादायक कार्यों, युवाओं की उपलब्धियों और समाज सेवा के उदाहरणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत जनता की शक्ति और सामूहिक प्रयासों के बल पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं में खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी) के प्रति बढ़ती रुचि की सराहना की। उन्होंने बताया कि देश के बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी, खगोल मंडल, अशोक केरल और राजकोट के बिग बैंग एस्ट्रोनॉमी क्लब जैसे संगठनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं युवाओं को विज्ञान से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। उन्होंने छात्रों से किसी न किसी एस्ट्रोनॉमी क्लब से जुड़ने तथा छुट्टियों में तारामंडल (प्लेनेटेरियम) का भ्रमण करने की अपील की।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक फेडरेशन कप टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी बधाई दी। उन्होंने बताया कि रांची में आयोजित इस प्रतियोगिता में लगभग 800 एथलीटों ने हिस्सा लिया और कई नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने। गुरिंदर वीर सिंह, अनिमेष कुजूर, विशाल टी.के., तेजस्विन शंकर, देव मीना और कुलदीप कुमार जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी खेल जगत में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। विशेष रूप से 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड दो दिनों में तीन बार टूटना भारतीय एथलेटिक्स के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
पीएम मोदी ने समाज सेवा के क्षेत्र में भी कुछ प्रेरणादायक उदाहरणों का उल्लेख किया। उन्होंने तमिलनाडु की शिक्षिका गिरिजा अम्मा की सराहना की, जिन्होंने अपने स्कूलों के छात्रों को सैनिकों की सहायता के लिए प्रतिदिन एक रुपया दान करने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान से लगभग 40 लाख रुपये एकत्र हुए। इसके अलावा उन्होंने केरल के अलुवा में साजी विलाशेरिल द्वारा संचालित निःशुल्क तैराकी क्लब का जिक्र किया, जहां 15 हजार से अधिक लोगों को तैराकी सिखाई जा चुकी है, जिनमें दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास देश में सेवा, शिक्षा, विज्ञान और खेलों की भावना को मजबूत करते हैं तथा नए भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

