अगर सपा सभी सीटें जीत जाए, तब भी ईवीएम के ख़िलाफ़ रहेगी: अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर मुसलमानों के धैर्य और संयम की सराहना करते हुए योगी सरकार के कथित कठोर रवैये की आलोचना की। उन्होंने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और प्रदेश में होने वाले आगामी चुनाव, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं, मदरसों, ईवीएम तथा सरकार की नीतियों सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा।
बुलडोजर कार्रवाई की आलोचना करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं और उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाने का अवसर भी नहीं दिया जा रहा है। मुसलमानों के संबंध में उन्होंने कहा कि, देश के मुसलमान भारत की एकता और भारतीयता को बनाए रखने के लिए धैर्य और संयम से काम ले रहे हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मदरसों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी चुनाव जीतकर सत्ता में आती है तो मदरसा शिक्षकों की रुकी हुई तनख्वाहें बहाल की जाएंगी और उनके बकाया का भुगतान किया जाएगा। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आश्वासन दिया कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी मदरसों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगी।
उन्होंने संस्कृत विद्यालयों तथा अन्य शिक्षकों की समस्याओं को भी दूर करने की बात कही। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘पुरानी पेंशन योजना’ (Old Pension Scheme) को बहाल करने का वादा किया।
ईवीएम के संबंध में पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने एक बार फिर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी चुनाव में सभी सीटें भी जीत जाती है, तब भी वह ईवीएम के इस्तेमाल के खिलाफ रहेगी। उन्होंने जर्मनी और अमेरिका में बैलेट पेपर के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए चुनावी प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाया।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर भी योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने का संकल्प व्यक्त किया।

