2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस में बड़े बदलावों की तैयारी
विधानसभा चुनावों का चरण पूरा होने और कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ होने के बाद अब कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण बदलावों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, कुछ राज्यों की इकाइयों का पुनर्गठन किया जाएगा और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में संगठनात्मक जिम्मेदारियों में भी फेरबदल किया जा सकता है।
फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब कांग्रेस में बड़े स्तर पर बदलाव की संभावना है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व का एक वर्ग जालंधर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को इस पद के लिए आगे बढ़ाने के पक्ष में है। हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद राज्य इकाई में गुटबाजी और अधिक गहरी हो गई है।
कांग्रेस कुल मिलाकर छह राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन कर सकती है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जबकि राजस्थान और चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में भी प्रदेश अध्यक्ष बदलने पर विचार किया जा रहा है।
तमिलनाडु में के. सेल्वापेरुन्थगई को हटाया जाना लगभग तय माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके कामकाज के तरीके से संतुष्ट नहीं है। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जुलाई 2020 से इस पद पर हैं, जबकि अजय राय अगस्त 2023 से उत्तर प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व इस बात पर विचार कर रहा है कि इन दोनों राज्यों में नई नेतृत्व टीम की आवश्यकता है या नहीं।
आंध्र प्रदेश कांग्रेस में भी नेतृत्व परिवर्तन लगभग निश्चित माना जा रहा है, क्योंकि वाई. एस. शर्मिला को राज्यसभा भेजे जाने की संभावना है। इसके चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर नए चेहरे की नियुक्ति की जा सकती है।

